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UP News: गुमशुदा लोगों की तलाश में नाकामी पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- एसीएस गृह और डीजीपी हाजिर हों; होगा जवाब-तलब
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 05 Feb 2026 04:07 PM IST
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सार
गुमशुदा लोगों की तलाश में नाकामी पर हाईकोर्ट सख्त है। एसीएस गृह और डीजीपी से जवाब के लिए दोनों अफसरों को 23 मार्च को वीसी के जरिये तलब किया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में गुमशुदा लोगों की तलाश मामले में अफसरों के सुस्त रवैए पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए ब्योरे को देखकर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक से निजी हलफनामे पर जवाब मांगा है।
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कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर यह दोनों अफसर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश होंगे। उनसे पूछा है कि गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए क्या प्रक्रिया अपनाते हैं और दो साल में एक लाख गुम लोगों की तलाश में नाकामी की क्या वजह है। इसके लिए अगर कोई कार्यप्रणाली नहीं है, तो इसके लिए एसओपी बनाई जाए।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश राजधानी के चिनहट निवासी विक्रमा प्रसाद की याचिका पट दिया। याची ने जुलाई 2024 में गुम हुए अपने 32 साल के पुत्र की तलाश के निर्देश पुलिस को देने का आग्रह किया था।
इससे पहले इसी 29 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर अपर मुख्य सचिव, गृह के पेश किए गए हलफनामे में कहा गया था कि 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में करीब 1 लाख 8 हजार 300 गुमशुदा लोगों की शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से सिर्फ 9 हजार गुमशुदा लोगों की तलाश की कारवाई शुरू की गई।
कोर्ट ने इसे अचंभित करने वाला करार देकर गुमशुदा लोगों की तलाश के इस मुद्दे को व्यापक जनहित वाला कहा। इसका सख्त संज्ञान लेकर अदालत ने इस मुद्दे पर "इन-री मिसिंग पर्सन्स इन दि स्टेट" शीर्षक से जनहित याचिका दर्ज किए जाने का निर्देश देकर इसे सुनवाई के लिए 5 फरवरी को समुचित खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।
