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राजस्थान: खेल कोटा फर्जी प्रमाण-पत्र मामले में एसओजी की बड़ी कार्रवाई, टोगोबार खेल संघ का पूर्व सचिव गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:42 PM IST
सार
राजस्थान एसओजी ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 के खेल कोटा फर्जी प्रमाण-पत्र मामले में टोगोबार खेल संघ के पूर्व सचिव बुद्धाराम टांक को गिरफ्तार किया है। जांच में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े और राष्ट्रीय स्तर के नकली ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
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टोगोबार खेल संघ का पूर्व सचिव बुद्धाराम टांक गिरफ्तार
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती परीक्षा-2022 के खेल कोटा फर्जी प्रमाण-पत्र प्रकरण में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टोगोबार खेल संघ के पूर्व सचिव बुद्धाराम टांक को गिरफ्तार किया है।
खेल प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़ा
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती में खेल कोटे के तहत चयनित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
दलालों के माध्यम से तैयार हुए थे प्रमाण-पत्र
जांच में सामने आया कि दोगुनी चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए थे। सत्यापन के दौरान पता चला कि ये प्रमाण-पत्र विभिन्न दलालों के माध्यम से तैयार कराए गए थे। इतना ही नहीं, ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर शिक्षा विभाग को कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट भी भेजी गई थी।
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खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए दिए थे पैसे
एसओजी ने बताया कि इस मामले में पहले फर्जी ई-मेल के जरिए सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले बिमलेन्दू कुमार झा और उसके सहयोगी कमल सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद मार्च 2026 में 20 अभ्यर्थियों, तीन सहयोगियों और एक दलाल को भी गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभ्यर्थी कविता ने खुलासा किया कि उसने करीब तीन वर्ष पहले खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए बुद्धाराम टांक को 1.50 लाख रुपये देकर वर्ष 2016-17 का बैकडेटेड राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र प्राप्त किया था। इसी खुलासे के आधार पर एसओजी ने बुद्धाराम टांक को गिरफ्तार किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान विवेक से हुई थी मुलाकात
प्रारंभिक पूछताछ में बुद्धाराम ने बताया कि वर्ष 2020 से 2023 तक वह जोधपुर जिले में टोगोबार खेल संघ का सचिव रहा। वर्ष 2022 में रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान उसकी मुलाकात हरियाणा के सतीश डूल और विवेक से हुई थी। बाद में इन्हीं के माध्यम से फर्जी राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार कराने का नेटवर्क विकसित किया गया।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में खाकी शर्मसार: थाने में फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी कांस्टेबल; एसपी ने किया सस्पेंड
दो लाख रुपये में तैयार किए गए थे फर्जी प्रमाण-पत्र
जांच में यह भी सामने आया कि प्रत्येक फर्जी प्रमाण-पत्र के लिए करीब दो लाख रुपये तय किए गए थे। तैयार प्रमाण-पत्र बस के माध्यम से जोधपुर भेजे जाते थे, जिन्हें बुद्धाराम टांक रेखा, कविता, सुनील विश्नोई सहित अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 1.50 लाख रुपये वसूले गए।
बाद में इन्हीं फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों ने कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया। फिलहाल एसओजी पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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खेल प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़ा
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती में खेल कोटे के तहत चयनित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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दलालों के माध्यम से तैयार हुए थे प्रमाण-पत्र
जांच में सामने आया कि दोगुनी चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए थे। सत्यापन के दौरान पता चला कि ये प्रमाण-पत्र विभिन्न दलालों के माध्यम से तैयार कराए गए थे। इतना ही नहीं, ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर शिक्षा विभाग को कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट भी भेजी गई थी।
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खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए दिए थे पैसे
एसओजी ने बताया कि इस मामले में पहले फर्जी ई-मेल के जरिए सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले बिमलेन्दू कुमार झा और उसके सहयोगी कमल सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद मार्च 2026 में 20 अभ्यर्थियों, तीन सहयोगियों और एक दलाल को भी गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभ्यर्थी कविता ने खुलासा किया कि उसने करीब तीन वर्ष पहले खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए बुद्धाराम टांक को 1.50 लाख रुपये देकर वर्ष 2016-17 का बैकडेटेड राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र प्राप्त किया था। इसी खुलासे के आधार पर एसओजी ने बुद्धाराम टांक को गिरफ्तार किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान विवेक से हुई थी मुलाकात
प्रारंभिक पूछताछ में बुद्धाराम ने बताया कि वर्ष 2020 से 2023 तक वह जोधपुर जिले में टोगोबार खेल संघ का सचिव रहा। वर्ष 2022 में रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान उसकी मुलाकात हरियाणा के सतीश डूल और विवेक से हुई थी। बाद में इन्हीं के माध्यम से फर्जी राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार कराने का नेटवर्क विकसित किया गया।
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दो लाख रुपये में तैयार किए गए थे फर्जी प्रमाण-पत्र
जांच में यह भी सामने आया कि प्रत्येक फर्जी प्रमाण-पत्र के लिए करीब दो लाख रुपये तय किए गए थे। तैयार प्रमाण-पत्र बस के माध्यम से जोधपुर भेजे जाते थे, जिन्हें बुद्धाराम टांक रेखा, कविता, सुनील विश्नोई सहित अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 1.50 लाख रुपये वसूले गए।
बाद में इन्हीं फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों ने कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया। फिलहाल एसओजी पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।