Rajasthan EV News: पेट्रोल-डीजल संकट के बीच राजस्थान में बढ़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का ट्रेंड
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। राज्य में 4.92 लाख से ज्यादा ईवी रजिस्टर्ड हैं। दोपहिया और तिपहिया के साथ अब इलेक्ट्रिक कारों की खरीद में भी तेजी देखी जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बीते कुछ वर्षों में खासतौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में बड़ा उछाल देखने को मिला है, जबकि अब इलेक्ट्रिक कारों की खरीद में भी लोगों की रुचि बढ़ रही है।
हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक बस में सफर करते नजर आए। इसके बाद प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। ऑटो सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि अब लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल वैकल्पिक नहीं, बल्कि नियमित उपयोग के वाहन के रूप में अपनाने लगे हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 38 लाख 5 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 1 करोड़ 88 लाख 93 हजार से अधिक पेट्रोल वाहन और 43 लाख 38 हजार से अधिक डीजल वाहन शामिल हैं। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़कर 4 लाख 92 हजार 411 तक पहुंच चुकी है। इनमें 3 लाख 22 हजार 446 इलेक्ट्रिक दुपहिया, 1 लाख 37 हजार 749 इलेक्ट्रिक तिपहिया और 32 हजार 216 इलेक्ट्रिक चौपहिया वाहन शामिल हैं।
यह भी पढें- Rajasthan: शाही स्वागत के बीच जयपुर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, आमेर से सिटी पैलेस तक हाई अलर्ट
ऑटो एक्सपर्ट जगदीश गर्ग का कहना है कि पिछले तीन से चार वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक और चार्जिंग सुविधाओं में सुधार हुआ है। अब राजस्थान के अधिकांश जिलों में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं और हाईवे पर भी हर 50 से 60 किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग पॉइंट मिल रहे हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा भी आसान हुई है।
ऊर्जा विभाग के अनुसार प्रदेश में 591 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाने की योजना पर काम चल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 112 चार्जिंग पॉइंट जयपुर में लगाए जाएंगे। अजमेर में 49, उदयपुर में 39 और कोटा में 28 चार्जिंग पॉइंट प्रस्तावित हैं। इनमें से 34 चार्जिंग स्टेशन नेशनल और स्टेट हाईवे पर स्थापित किए जाएंगे।
बाजार में लंबी रेंज और फास्ट चार्जिंग वाले नए मॉडल आने के बाद इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी बढ़ी है। वाहन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन खर्च कम होने और रखरखाव लागत घटने के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।