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राजस्थान विधानसभा में गूंजा दरी पट्टियों की खरीद का मुद्दा, मंत्री ने बीईओ को निलंबित करने के दिए आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Fri, 06 Mar 2026 05:21 PM IST
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सार
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में डेगाना क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में दरी पट्टियों की खरीद का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक अजय सिंह कीलक ने दरी वितरण में अनियमितताओं और लाखों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाया। इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए तत्कालीन बीईओ को निलंबित करने के आदेश दिए और पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही।
राजस्थान विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को प्रश्नकाल में कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। डेगाना क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में दरी पट्टियों की खरीद, खाद की आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आधुनिक पुस्तकालय, सहकारी भंडार और मनरेगा कार्यों सहित कई विषयों पर विधायकों ने सवाल उठाए, जिनका संबंधित मंत्रियों ने जवाब दिया।
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डेगाना विधायक ने सदन में उठाया मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान डेगाना विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में दरी पट्टियों की खरीद का मामला प्रमुखता से उठा। विधायक अजय सिंह कीलक ने भेरूंदा क्षेत्र के स्कूलों में जरूरत से कम दरी खरीदने का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जहां अधिक दरी की आवश्यकता थी, वहां केवल 104 दरी ही खरीदी गईं। उन्होंने इस मामले में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
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'5 लाख से अधिक कीमत की दरियां अब तक वितरित नहीं'
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि विधायक कोष से वर्ष 2022-23 में स्कूलों के लिए 399 दरी पट्टियां वितरित करने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने बताया कि भेरूंदा सीबीईओ ब्लॉक में 171 दरियां वितरित की जानी थीं, लेकिन केवल 104 ही दी गईं। इस संबंध में उन्होंने 17 दिसंबर 2022 का एक रिकॉर्ड पत्र भी सदन में प्रस्तुत करने की बात कही, जिस पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भेरूंदा के प्रधानाचार्य और स्टोर इंचार्ज के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा कि करीब 5 लाख रुपये से अधिक कीमत की दरियां अब तक वितरित नहीं हुई हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कई स्कूलों में जहां छात्रों का नामांकन 200-300 है, वहां भी केवल 10×15 फीट की एक ही दरी दी गई, जबकि जिन स्कूलों में नामांकन शून्य या केवल 3-4 छात्र हैं, वहां भी एक-एक दरी भेज दी गई। अजय सिंह ने पूछा कि क्या इन स्कूलों से दरियों की मांग की गई थी और किस तारीख तक इनका वितरण तथा भौतिक सत्यापन किया गया।
शिक्षा मंत्री ने स्वीकारी अनियमितता की बात
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि दरी पट्टियों की खरीद में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं और इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछली कांग्रेस सरकार के समय का है और उस दौरान राजकीय धन की लूटपाट हुई। मंत्री ने मामले की जांच कराने की घोषणा करते हुए तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
171 फर्श का अभी तक पता नहीं
मंत्री ने बताया कि लगभग 35 लाख रुपये की दरियां खरीदी गई थीं। उस समय के तत्कालीन विधायक ने स्कूलों में दरी पट्टियां देने की सिफारिश की थी, लेकिन बाद में दरी पट्टियों की जगह फर्श खरीदे गए। रिकॉर्ड के अनुसार 288 फर्श स्कूलों तक पहुंचे, जबकि 171 फर्श का अभी तक कोई पता नहीं है।
'संबंधित व्यक्ति अब भाजपा में शामिल'
मदन दिलावर ने आरोप लगाया कि उस समय के विधायक विजयपाल मिर्धा के कार्यकाल में जिन शिक्षकों ने दरी लेने से मना किया, उनके तबादले तक करवा दिए गए थे। इस पर पूरक प्रश्न में उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने सवाल किया कि यदि संबंधित व्यक्ति अब भाजपा में शामिल है तो क्या पार्टी से भी कार्रवाई होगी। विधायक रामकेश ने कहा कि उस समय के विधायक मिर्धा अब भाजपा में हैं, ऐसे में यदि घोटाला हुआ है तो उनकी भी जांच कराई जानी चाहिए।
दोषी के खिलाफ करेंगे कार्रवाई
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मामले में भ्रष्टाचार की बू आ रही है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक
इसी दौरान खाद की आपूर्ति को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। विधायक ललित मीणा के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि भरतपुर संभाग में सरसों का रकबा अधिक होने के कारण डीएपी और अन्य खाद की मांग ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक रखा गया था, जिसमें से 3658 मीट्रिक टन भरतपुर और कोटा संभाग के लिए आरक्षित किया गया। मंत्री ने बताया कि बारां और झालावाड़ जिलों में जबरन अटैचमेंट और खाद तस्करी की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की गई है। फरवरी 2026 तक विभाग ने 1373 विक्रेताओं के औचक निरीक्षण किए, जिनमें 53 विक्रेताओं की बिक्री पर रोक लगाई गई और 98 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए।
आधुनिक पुस्तकालय की कोई सक्रिय योजना नहीं
इसके अलावा देवली-उनियारा क्षेत्र में आधुनिक पुस्तकालय खोलने के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल आधुनिक पुस्तकालय की कोई सक्रिय योजना नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री शिक्षित अभियान के तहत डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
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'पात्र लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका'
वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन में देरी के मुद्दे पर मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि दिसंबर 2025 तक सभी पात्र लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है और जनवरी 2026 की पेंशन के लिए प्रस्ताव कोषालय को भेज दिए गए हैं। प्रश्नकाल के दौरान मनरेगा कार्यों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। बाड़मेर जिले में टांका निर्माण कार्यों को लेकर विधायक हरीश चौधरी ने सवाल उठाया, जिस पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पिछली सरकार के समय 750 करोड़ रुपये के कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इस दौरान सदन में हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।