राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग की नई वेबसाइट लॉन्च, आपदा प्रबंधन और स्वयंसेवकों के लिए बनेगी डिजिटल प्लेटफॉर्म
राजस्थान के नागरिक सुरक्षा विभाग की नई आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी गई है। कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इसे आमजन के लिए शुरू किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वयंसेवक पंजीकरण और आपातकालीन सूचनाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराएगा।
विस्तार
राजस्थान के नागरिक सुरक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अब शुरू कर दी गई है। कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने औपचारिक रूप से वेबसाइट को आमजन के उपयोग के लिए शुरू किया। विभाग की यह नई वेबसाइट http://cd.rajasthan.gov.in आमजन, स्वयंसेवकों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह प्लेटफॉर्म नागरिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, योजनाओं और आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
इसलिए शुरू की गई यह वेबसाइट
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर नागरिक सुरक्षा विभाग को गृह रक्षा विभाग से अलग करते हुए आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के अधीन कर दिया था। इसके बाद से विभाग आपातकालीन परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि अब तक विभाग की अलग से कोई वेबसाइट नहीं थी, जिसे देखते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है।
मंत्री ने क्या बताया?
डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य आमजन और सरकार के बीच पारदर्शिता बढ़ाना, विभाग और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विशेष रूप से युवाओं और स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा से जुड़ने और सेवा के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विभाग की गतिविधियों और कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा।
वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी ये सुविधाएं
नागरिक सुरक्षा विभाग की वेबसाइट पर विभाग के विजन और मिशन, योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पंजीकृत स्वयंसेवकों की जानकारी तथा संगठनात्मक ढांचे से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा जारी नागरिक सुरक्षा कम्पेडियम, नागरिक सुरक्षा कार्य एवं नियम, नागरिक सुरक्षा के सामान्य सिद्धांत (GPCD), विभाग की सेवाओं का विवरण, वार्षिक प्रतिवेदन, नवीनतम आदेश, परिपत्र, दिशा-निर्देश और अधिसूचनाएं भी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
वेबसाइट पर विभिन्न प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं जैसे भीषण लू, बाढ़, शीतलहर, चक्रवात, भूकंप, युद्ध, हवाई हमले, ब्लैक आउट तथा अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षित रहने के तरीके और “क्या करें और क्या न करें” (Do’s & Don’ts) की जानकारी भी दी गई है।
इसके साथ ही विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों, मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता के लिए वेबसाइट पर आपातकालीन नंबर, जिला-वार संपर्क सूची और वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी भी दी गई है।
1962 में हुआ था नागरिक सुरक्षा विभाग का गठन
भारत-चीन युद्ध के दौरान वर्ष 1962 में शहरों पर हुए हवाई हमलों से हुए नुकसान को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिक सुरक्षा विभाग के गठन का निर्णय लिया था। इसके बाद राजस्थान सरकार ने 13 नवंबर 1962 को अधिसूचना जारी कर राज्य के 12 सीमावर्ती नगरों में नागरिक सुरक्षा इकाइयों की स्थापना की।
वर्ष 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भी नागरिक सुरक्षा संगठन ने खोज और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वर्ष 2005 में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू किया गया और वर्ष 2009 में नागरिक सुरक्षा अधिनियम में संशोधन कर विभाग को आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी दी गई।
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वर्ष 2017 में राज्य के सभी 33 जिलों को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित किया गया, जिससे विभाग का कार्यक्षेत्र नगरीय सीमा से बढ़कर पूरे जिले तक विस्तारित हो गया। विभाग के अनुसार यह नई वेबसाइट न केवल विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी बल्कि संकट के समय आम नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल साथी भी साबित होगी। इसके माध्यम से नागरिक सुरक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां, योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वयंसेवक पंजीकरण जैसी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी।
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