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Jaipur News: खोनागोरियान हादसे के बाद जयपुर में पटाखा गोदामों पर बड़ी कार्रवाई, कई जगह तय सीमा से ज्यादा बारूद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 18 Jun 2026 07:43 AM IST
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सार

खोनागोरियान अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस ने कई पटाखा गोदामों पर छापेमारी की। कार्रवाई में तय सीमा से अधिक बारूद और पटाखे मिले। कई गोदाम सील कर जांच शुरू की गई है।

Jaipur Police Launch Massive Crackdown on Illegal Firecracker Trade
पटाखा फैक्टरियों पर पुलिस की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध पटाखा गोदामों और फैक्ट्रियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में कमिश्नरेट की स्पेशल टीम (CST) ने बुधवार देर रात शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान कई गोदामों को सील किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर अवैध भंडारण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई।


जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर एक लाइसेंसधारी पटाखा गोदाम की जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। पुलिस के अनुसार गोदाम के लिए 600 किलो विस्फोटक सामग्री रखने का लाइसेंस जारी था, लेकिन मौके पर 300 से अधिक कार्टूनों में 1000 किलो से ज्यादा बारूद और पटाखे मिले। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करवाने के बाद गोदाम को तत्काल सील कर दिया गया।

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जांच में सामने आया कि गोदाम किराये पर लेकर संचालित किया जा रहा था। परिसर में कुल 18 दुकानें बनी हुई थीं, जिनमें कुछ जगहों पर पशु आहार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जबकि दो दुकानों में बड़ी मात्रा में पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। पुलिस के अनुसार गोदाम संचालक दीपक खंडेलवाल हैं, जिनकी जयपुर के चांदी की टकसाल क्षेत्र में "भारतीय पटाखा शॉप" नाम से दुकान संचालित होती है।

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इसी क्षेत्र में एलएन मित्तल कॉलेज के पास स्थित दो अन्य गोदामों की भी जांच की गई। ये गोदाम पूर्णिमा नामक प्रतिष्ठान से जुड़े बताए जा रहे हैं। संचालक अनिल अग्रवाल ने दोनों गोदामों के लिए 1500-1500 किलो भंडारण क्षमता का लाइसेंस होने का दावा किया। हालांकि गोदाम शैक्षणिक संस्थान और छात्रावास के बेहद नजदीक पाए गए, जिससे सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।


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पुलिस कार्रवाई के दौरान संचालक ने बताया कि गोदामों में लगभग 600 से 700 किलो पटाखे रखे हुए हैं। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में कुछ स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से कई पटाखा गोदाम संचालित हो रहे थे।

सीएसटी टीम ने चेनपुरा क्षेत्र में फोर्थ आरएसी के पास संचालित एक कथित अवैध पटाखा कारखाने और गोदाम पर भी कार्रवाई की। इसके अलावा हीरावाला बस स्टैंड के निकट, शराब के ठेके के पीछे संचालित दो गोदामों और रूपवास लिंक रोड स्थित आवासीय क्षेत्र में बने अन्य गोदामों की भी जांच की गई। पुलिस इन गोदामों के मालिकों और संचालन से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर एसीपी आमेर, जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस और सीएसटी की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित संचालकों से पूछताछ जारी है।

गौरतलब है कि खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद जयपुर पुलिस ने अवैध पटाखा गोदामों और फैक्ट्रियों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। अब हालिया कार्रवाई के बाद पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की मांग तेज हो गई है।

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