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राजस्थान विधानसभा में गूंजा लोहागढ़ किला मुद्दा: MLA सुभाष गर्ग बोले- यहां के लोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 24 Feb 2025 06:41 PM IST
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सार
राजस्थान की विधानसभा में सोमवार को भरतपुर के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले का मुद्दा गूंजा। विधायक सुभाष गर्ग ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, किले में रह रहे निवासियों में भजनलाल सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है।
MLA सुभाष गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक सुभाष गर्ग ने सदन में स्थगन प्रस्ताव के जरिए ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के भीतर स्थित आवासीय कॉलोनियों में रह रहे लोगों की बात सदन में रखी। उन्होंने कहा, यहां लंबे समय से रहने वाले हजारों परिवारों को प्रशासन द्वारा उनके मकानों को अवैध बताकर तोड़ने की धमकी दी जा रही है। इससे वहां के निवासियों में भजनलाल सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार से स्थानीय निवासियों को सुरक्षा देने की मांग की।
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विधायक गर्ग ने विधानसभा में कहा कि लोहागढ़ किले के अंदर स्थानीय लोग पिछले 20-30 साल से वहां निवास कर रहे हैं और सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का लाभ भी ले रहे हैं। इनमें बिजली, पानी, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा वहां रहने वाले गृह स्वामी नियमित रूप से यूडी टैक्स (शहरी विकास कर) भी जमा कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का यह कहना कि ये मकान अवैध हैं और इन्हें तोड़ा जाएगा, पूरी तरह से अनुचित है।
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विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने यह भी कहा कि लोहागढ़ किले के भीतर बसे इन निवासियों को प्रशासन द्वारा नोटिस देकर और मौखिक रूप से धमकाया जा रहा है कि उनके मकान अवैध हैं और इन्हें जल्द ही तोड़ दिया जाएगा। इससे वहां के लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
किले की जमीन भरतपुर रियासत ने दी थी
डॉ. गर्ग ने आगे कहा कि उक्त भूमि पूर्व में भरतपुर रियासत द्वारा वहां रह रहे निवासियों को दी गई थी और इस संबंध में भू-स्वामियों के पास दस्तावेजी प्रमाण भी मौजूद हैं। इतना ही नहीं, लोगों ने इस भूमि का विक्रय पत्र के आधार पर शुल्क जमा कर पंजीकरण कराया और मकान निर्माण करवाया। डॉ. गर्ग ने यह भी बताया कि लोहागढ़ किले के अंदर कई सरकारी भवन, राजकीय महाविद्यालय, सरकारी कार्यालयों के भवन, कई सरकारी संस्थान और निजी होटल भी संचालित हो रहे हैं। ऐसे में केवल निवासियों को निशाना बनाना और उन्हें बेदखल करने की धमकी देना न्यायोचित नहीं है।
विधानसभा में अपनी बात रखते हुए डॉ. सुभाष गर्ग ने भजन लाल सरकार से अपील की कि प्रशासन लोहागढ़ किले के भीतर रह रहे भू-स्वामियों को बेवजह परेशान न करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि वर्षों से बसे परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके।