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UPSC Result 2025: दंगों और साइबर क्राइम के लिए बदनाम मेवात से निकली नई मिसाल, इंशा खान ने हासिल की 678वीं रैंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/मेवात
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:46 PM IST
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सार
मेवात जिले की इंशा खान ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में छठे प्रयास में 678वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। 30 वर्षीय इंशा खान कामां तहसील के उतावड़ा गांव की निवासी हैं।
इंशा खान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अक्सर अपराध और साइबर क्राइम के कारण सुर्खियों में रहने वाले मेवात क्षेत्र से इस बार एक सकारात्मक खबर सामने आई है। डीग जिले के मेवात इलाके की रहने वाली इंशा खान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 678वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 30 वर्षीय इंशा खान कामां तहसील के उतावड़ा गांव की निवासी हैं। उन्होंने लंबे समय तक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और छठे प्रयास में सफलता हासिल की। उनकी यह उपलब्धि मेवात क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।
इंशा ने वर्ष 2012 में झिरका के अरावली पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 में कुरुक्षेत्र के एनआईटी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इंशा खान के भाई मुख्तियार अहमद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कामां सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी नौक्षम चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था।
इंशा खान का कहना है कि मेवात क्षेत्र को अक्सर साइबर अपराध के लिए बदनाम किया जाता है, लेकिन यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा और प्रेरणा मिले तो वे शिक्षा के माध्यम से अपने और क्षेत्र के भविष्य को बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें पहले पांच प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार छठे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। इंशा खान के पिता उस्मान खान किसान हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग इसे मेवात के युवाओं के लिए नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।
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इंशा ने वर्ष 2012 में झिरका के अरावली पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 में कुरुक्षेत्र के एनआईटी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इंशा खान के भाई मुख्तियार अहमद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कामां सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी नौक्षम चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था।
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इंशा खान का कहना है कि मेवात क्षेत्र को अक्सर साइबर अपराध के लिए बदनाम किया जाता है, लेकिन यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा और प्रेरणा मिले तो वे शिक्षा के माध्यम से अपने और क्षेत्र के भविष्य को बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें पहले पांच प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार छठे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। इंशा खान के पिता उस्मान खान किसान हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग इसे मेवात के युवाओं के लिए नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।