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Jaipur News: किधर जाएंगे रविंद्र भाटी? भाजपा-कांग्रेस पर सस्पेंस बरकरार, बोले- जनता ही करेगी फैसला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 04:43 PM IST
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सार
राजस्थान की सियासत में अपने अगले कदम को लेकर सुर्खियों में बने रविंद्र सिंह भाटी ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि उन्होंने इतना जरूर साफ कर दिया है कि भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य विकल्प पर फैसला लेने से पहले वे जनता की राय को ही सर्वोपरि मानेंगे।
रवींद्र सिंह भाटी
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विस्तार
बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच स्पष्ट कहा है कि अब आगे उन्हें किस दिशा में जाना है और कौन सा निर्णय लेना है, इसका फैसला भी जनता ही करेगी। अमर उजाला से विशेष बातचीत में भाटी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में आज तक जो भी बड़े राजनीतिक फैसले लिए हैं, वे जनता की इच्छा और समर्थन के आधार पर लिए हैं।
गिरल आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा किए गए समर्थन संबंधी ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज और जनहित के मुद्दों का समर्थन सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को करना चाहिए। इसमें कोई नई या विशेष बात नहीं है। लोकतंत्र में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ से हाल ही में हुई मुलाकात को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों पर भी भाटी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि जब भी वे जयपुर आते हैं, तो अपने से वरिष्ठ और अनुभवी लोगों से शिष्टाचार मुलाकात करते हैं। इस मुलाकात का कोई विशेष राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। यह केवल उनका व्यक्तिगत संस्कार और सम्मान का भाव है।
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भाटी ने माना कि संघर्ष अकेले किया जा सकता है लेकिन जनता की व्यापक सेवा और विकास कार्यों के लिए राजनीतिक शक्ति का होना भी आवश्यक है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि उनके सामने तीसरे मोर्चे, कांग्रेस या भाजपा जैसे कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं तो उन्होंने किसी भी संभावना से इंकार या स्वीकार करने के बजाय कहा कि जनता जो तय करेगी, वही उनका निर्णय होगा।
उन्होंने अपने छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि हर बार लोगों ने उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने की चेतावनी दी, लेकिन जनता के विश्वास और समर्थन ने उन्हें सफलता दिलाई। भाटी ने कहा कि निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष बनने से लेकर विधायक और फिर लोकसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन तक का सफर जनता के प्रेम का परिणाम है।
प्रदेश की राजनीति में भाटी की बढ़ती स्वीकार्यता और हालिया जन आंदोलनों के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। हालांकि उन्होंने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि उनका अंतिम फैसला जनता की राय के अनुरूप ही होगा।
गिरल आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा किए गए समर्थन संबंधी ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज और जनहित के मुद्दों का समर्थन सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को करना चाहिए। इसमें कोई नई या विशेष बात नहीं है। लोकतंत्र में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ से हाल ही में हुई मुलाकात को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों पर भी भाटी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि जब भी वे जयपुर आते हैं, तो अपने से वरिष्ठ और अनुभवी लोगों से शिष्टाचार मुलाकात करते हैं। इस मुलाकात का कोई विशेष राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। यह केवल उनका व्यक्तिगत संस्कार और सम्मान का भाव है।
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भाटी ने माना कि संघर्ष अकेले किया जा सकता है लेकिन जनता की व्यापक सेवा और विकास कार्यों के लिए राजनीतिक शक्ति का होना भी आवश्यक है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि उनके सामने तीसरे मोर्चे, कांग्रेस या भाजपा जैसे कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं तो उन्होंने किसी भी संभावना से इंकार या स्वीकार करने के बजाय कहा कि जनता जो तय करेगी, वही उनका निर्णय होगा।
उन्होंने अपने छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि हर बार लोगों ने उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने की चेतावनी दी, लेकिन जनता के विश्वास और समर्थन ने उन्हें सफलता दिलाई। भाटी ने कहा कि निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष बनने से लेकर विधायक और फिर लोकसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन तक का सफर जनता के प्रेम का परिणाम है।
प्रदेश की राजनीति में भाटी की बढ़ती स्वीकार्यता और हालिया जन आंदोलनों के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। हालांकि उन्होंने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि उनका अंतिम फैसला जनता की राय के अनुरूप ही होगा।