Jaipur:रिश्वत विवाद के बाद फिर एक्शन में किरोड़ी, जयपुर की जैविक उर्वरक इकाई पर छापा; कई अनियमितताएं सामने आईं
बीज निगम रिश्वत विवाद के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर की जैविक उर्वरक इकाई का निरीक्षण किया। जांच में निर्माण, लेबलिंग और भंडारण में अनियमितताएं मिलीं। सैंपल लेकर जांच शुरू की गई, कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
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खाद-बीज कंपनियों पर छापेमारी को लेकर चर्चा में रहे और हाल में बीज निगम अधिकारियों के कथित रिश्वत प्रकरण के कारण विवादों में आए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गुरुवार को एक बार फिर कार्रवाई करते हुए जयपुर की एक जैविक उर्वरक निर्माण इकाई पर निरीक्षण किया। इस दौरान उत्पादन प्रक्रिया से लेकर पैकेजिंग और भंडारण तक कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया।
कृषि मंत्री ने हीराबाला इंडस्ट्रियल एरिया, कनौता स्थित जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स इकाई का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि जैविक उर्वरक का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जैविक उर्वरक को लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तैयार किया जा रहा था, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार इसके निर्माण के लिए अपेक्षाकृत नियंत्रित तापमान की आवश्यकता होती है। अधिक तापमान पर लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
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निरीक्षण में पैकेजिंग और लेबलिंग को लेकर भी सवाल उठे। अधिकारियों के अनुसार उत्पादों पर दर्ज जानकारियां उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अलावा कच्चे माल का रख-रखाव व्यवस्थित नहीं था और पहचान संबंधी लेबल भी अनुपस्थित मिले।
जांच के दौरान एक और अहम बिंदु सामने आया। दानेदार जैविक उर्वरक की सामान्य वैधता अवधि जहां 6 माह बताई जाती है, वहीं उत्पाद कंटेनरों पर 24 माह तक उपयोग योग्य होने का दावा अंकित मिला। अधिकारियों ने इसे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला बताया।
उर्वरकों के भंडारण में भी निर्धारित मानकों के पालन नहीं होने की बात सामने आई है। मंत्री के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने नमूने लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कृषि विभाग की छापेमार कार्रवाई और बीज निगम अधिकारियों से जुड़े कथित रिश्वत प्रकरण को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज रही है। ऐसे माहौल में मंत्री की यह नई कार्रवाई फिर सुर्खियों में आ गई है।