{"_id":"69a965c8ba9a691877068ef6","slug":"rajasthan-assembly-news-uproar-in-house-over-ration-shop-allotment-as-opposition-protests-minister-s-reply-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan Assembly: राशन दुकान आवंटन को लेकर सदन में गहमा-गहमी, मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan Assembly: राशन दुकान आवंटन को लेकर सदन में गहमा-गहमी, मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने किया हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Priya Verma
Updated Thu, 05 Mar 2026 04:45 PM IST
विज्ञापन
सार
राशन दुकानों के आवंटन को लेकर सदन में हुई बहस के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए मंत्री से पूछा कि आवंटन में मार्गदर्शन किससे लिया जा रहा है। मंत्री के जवाब के बाद सदन में तकरार का माहौल बन गया।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राशन दुकानों के आवंटन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को घेरा, जो खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जवाब दे रहे थे।
Trending Videos
नीमकाथाना क्षेत्र में राशन दुकानों के आवंटन से जुड़े प्रश्न पर मंत्री रावत ने बताया कि कुल 10 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन को दुकानें आवंटित की गईं, दो आवेदन निरस्त कर दिए गए, जबकि चार मामलों में मार्गदर्शन मांगा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए सुरेश मोदी ने कहा कि जब आवंटन के लिए स्पष्ट नियम मौजूद हैं तो मार्गदर्शन की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भ्रष्टाचार की आशंका पैदा होती है। जब मंत्री ने लिखित जवाब दोहराया तो मोदी ने पूछा कि मार्गदर्शन किससे मांगा जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- क्या आप महात्मा गांधी से मार्गदर्शन लेना चाहते हैं?
मंत्री के स्पष्ट जवाब नहीं देने पर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इसके बाद रावत ने बताया कि मार्गदर्शन जिला कलेक्टर से मांगा गया है। इस पर रामकेश मीणा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अगर किसी मंत्री को कलेक्टर से मार्गदर्शन लेना पड़ रहा है तो यह सरकार के लिए शर्मनाक है।
ये भी पढ़ें: Rajasthan: राजस्थान के नागौर जिले में डीजल टैंकर-ट्रक की भिड़ंत; आग का भीषण तांडव, ढाई घंटे बाद पाया गया काबू
मंत्री रावत ने सफाई देते हुए कहा कि जिला आपूर्ति अधिकारी ने कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा है और जैसे ही मार्गदर्शन प्राप्त होगा, आवंटन पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने टिप्पणी की कि सामान्यतः कलेक्टर मंत्री से मार्गदर्शन लेते हैं, न कि मंत्री कलेक्टर से।
इसी बीच राज्य सरकार ने विधानसभा में दो संशोधन विधेयक भी पेश किए। इनका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव लड़ने के लिए लागू दो-बच्चों की पात्रता शर्त को हटाना है।
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पंचायती राज संशोधन विधेयक सदन में पेश किया, जबकि नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नगर पालिका संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया। प्रस्तावित संशोधन के तहत पंचायती राज अधिनियम में वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और जिला प्रमुख जैसे पदों के चुनाव में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने वाले प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार नगर पालिका संशोधन विधेयक में भी पार्षद, मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य पदों के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए दो-बच्चों की सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन