Rajasthan: सदन में घटनाक्रम पर बिफरे नेता प्रतिपक्ष, गौ हत्या और विधायक के आचरण पर उठाए सवाल; भाजपा ने दी सफाई
Rajasthan Assembly Session: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गौ हत्या मामलों, कथित भूमि हड़पने और आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए। उन्होंने विधानसभा में भाजपा विधायक के व्यवहार पर आपत्ति जताई और स्पीकर से वीडियो देखकर कार्रवाई की मांग की।
विस्तार
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि गौ माता की जिस प्रकार हत्याएं हो रही हैं और उन पर सरकार जिस तरह की कार्रवाई कर रही है, वह सही नहीं है। उन्होंने जयपुर के एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा गाय का सिर काटकर टांग दिया गया, लेकिन उसे गिरफ्तार करने के बजाय एक विधायक के हस्तक्षेप से छोड़ दिया गया।
जूली ने कहा कि एक समय गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिलाने की बात की जाती थी, लेकिन अब उस विषय पर सरकार पीछे हटती नजर आ रही है। उनके अनुसार, जब सदन में यह सवाल लगा कि गाय को राज्य माता का दर्जा दिया जाएगा या नहीं, तो मंत्री ने जवाब टाल दिया।
गौशाला भूमि और प्रशासनिक कार्रवाई पर आरोप
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में गौ माता की हत्या की घटनाएं जारी हैं और सरकार ने इस पर आंखें बंद कर रखी हैं। उन्होंने कहा कि गौशालाओं की जमीन भू-माफिया द्वारा हड़पी जा रही है। उनके अनुसार 1100 बीघा जमीन एक दिन में रजिस्ट्री कर हड़प ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गाय का सिर काटकर टांगने की घटना के बाद भाजपा बचाव में लगी है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने आरोपियों को छुड़ाने की बात कही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सख्त कदम उठाने की मांग की।
विधानसभा में आचरण को लेकर आपत्ति
नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में हुए व्यवहार पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा विधायक उनकी ओर बढ़े और स्पीकर के टोकने के बाद भी नहीं रुके, वह आचरण उचित नहीं था। उन्होंने भाजपा विधायक की बॉडी लैंग्वेज को आक्रामक बताया।
जूली ने कहा कि इस संबंध में वे स्पीकर से बात कर रहे हैं और लिखित शिकायत भी देंगे। उन्होंने मांग की कि वीडियो रिकॉर्डिंग देखी जाए और जिस सदस्य ने अनुचित व्यवहार किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार कार्रवाई होने के बाद ही सदन की कार्यवाही आगे बढ़नी चाहिए।
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‘मुद्दों के अभाव में विपक्ष बना रहा अनावश्यक गतिरोध’
वहीं, विधानसभा में गाय के मुद्दे पर कांग्रेस के हंगामे को लेकर बीजेपी ने सदन के बाहर अपनी प्रतिक्रिया दी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह एक स्थानीय घटना को बहाना बनाकर सदन में अनावश्यक गतिरोध पैदा कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा और उसके विधायकों पर निराधार आरोप लगाने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
गर्ग ने कहा कि सदन लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए हंगामा कर रही है। उन्होंने विपक्ष को जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाने की नसीहत दी।
क्या बोले विधायक बालमुकुंद आचार्य?
इधर, हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में गौ माता की रक्षा, संवर्धन और सेवा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और गौ तस्करी व अवैध वध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण दोनों के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष बिना तथ्य के सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
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