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Rajasthan Assembly News: जर्जर स्कूलों पर सियासी संग्राम, विधानसभा में तीखी बहस, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 30 Jan 2026 04:13 PM IST
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सार
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा गरमा गया। बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के सवाल पर कांग्रेस ने पूरक प्रश्न पूछते हुए सरकार को घेर लिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच तीखी बहस हुई, जिसे बाद में स्पीकर ने शांत कराया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के सवाल पर कांग्रेस ने पूरक प्रश्न पूछते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। सवाल-जवाब के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद स्पीकर को हस्तक्षेप कर सदन की कार्यवाही शांत करानी पड़ी।
स्कूल भवनों की हालत पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के स्कूल भवन बेहद बदहाल स्थिति में हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि कई जगह मंदिरों और मुर्गी फार्म में स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था की खराब हालत को उजागर करता है। जूली ने सदन में आंकड़े रखते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 45,365 स्कूल हैं, जिनमें से करीब 41 हजार स्कूलों को मरम्मत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 3,768 स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 2,588 भवनों को ही जर्जर घोषित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक भी ठोस काम नहीं कर रही, जबकि जनवरी में तबादलों पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। जूली ने यह भी कहा कि जब जर्जर भवन गिरते हैं तो जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई करने के बजाय शिक्षकों को निलंबित कर दिया जाता है।
जर्जर भवन होंगे जमींदोज, चरणबद्ध होगी कार्रवाई : शिक्षा मंत्री
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन्हें जमींदोज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवनों को हटाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि जर्जर भवनों की पहचान के लिए एक कमेटी बनी हुई है, जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भेजी जाती है और एक माह के भीतर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 18 हजार स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं।
ये भी पढ़ें: Jaipur News: कांग्रेस ने चार जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की, जयपुर शहर का जिम्मा सुनील शर्मा को
दिलावर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से अब एक साथ इतने भवनों का निर्माण और मरम्मत करानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार कर दिया और सत्यानाश कर दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब निर्माण, मरम्मत और अंतिम तिथि तय की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट रहे कि किस भवन पर कब कार्रवाई करनी है। सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी जर्जर स्कूल भवनों को ठीक कराएगी।
सभी स्कूल भवनों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
शिक्षा मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि अब सभी स्कूल भवनों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। पहले 30 करोड़ रुपये तक की लागत वाले भवनों का ही थर्ड पार्टी ऑडिट होता था, लेकिन अब पॉलिटेक्निक कॉलेज के माध्यम से सभी स्कूल भवनों की जांच कराई जाएगी, ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
शून्यकाल में एसआईआर गड़बड़ी पर भी हंगामा
शून्यकाल के दौरान एसआईआर में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी सदन में उठा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और संसदीय कार्य मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जूली ने सवाल उठाया कि एसआईआर से जुड़े आवेदन कहां से आए और फर्जी फॉर्म जमा कराने वाले लोग कौन थे। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार न केवल जर्जर स्कूल भवनों को ठीक कराएगी, बल्कि कांग्रेस शासन के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की भी जांच कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में स्कूल भवनों के निर्माण में पैसे खाए गए और घटिया निर्माण कराया गया। मंत्री ने कहा कि ऐसे सभी भवनों की जांच कर उन्हें भी जमींदोज किया जाएगा।
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स्कूल भवनों की हालत पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के स्कूल भवन बेहद बदहाल स्थिति में हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि कई जगह मंदिरों और मुर्गी फार्म में स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था की खराब हालत को उजागर करता है। जूली ने सदन में आंकड़े रखते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 45,365 स्कूल हैं, जिनमें से करीब 41 हजार स्कूलों को मरम्मत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 3,768 स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 2,588 भवनों को ही जर्जर घोषित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक भी ठोस काम नहीं कर रही, जबकि जनवरी में तबादलों पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। जूली ने यह भी कहा कि जब जर्जर भवन गिरते हैं तो जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई करने के बजाय शिक्षकों को निलंबित कर दिया जाता है।
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जर्जर भवन होंगे जमींदोज, चरणबद्ध होगी कार्रवाई : शिक्षा मंत्री
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन्हें जमींदोज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवनों को हटाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि जर्जर भवनों की पहचान के लिए एक कमेटी बनी हुई है, जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भेजी जाती है और एक माह के भीतर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 18 हजार स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं।
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दिलावर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से अब एक साथ इतने भवनों का निर्माण और मरम्मत करानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार कर दिया और सत्यानाश कर दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब निर्माण, मरम्मत और अंतिम तिथि तय की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट रहे कि किस भवन पर कब कार्रवाई करनी है। सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी जर्जर स्कूल भवनों को ठीक कराएगी।
सभी स्कूल भवनों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
शिक्षा मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि अब सभी स्कूल भवनों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। पहले 30 करोड़ रुपये तक की लागत वाले भवनों का ही थर्ड पार्टी ऑडिट होता था, लेकिन अब पॉलिटेक्निक कॉलेज के माध्यम से सभी स्कूल भवनों की जांच कराई जाएगी, ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
शून्यकाल में एसआईआर गड़बड़ी पर भी हंगामा
शून्यकाल के दौरान एसआईआर में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी सदन में उठा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और संसदीय कार्य मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जूली ने सवाल उठाया कि एसआईआर से जुड़े आवेदन कहां से आए और फर्जी फॉर्म जमा कराने वाले लोग कौन थे। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार न केवल जर्जर स्कूल भवनों को ठीक कराएगी, बल्कि कांग्रेस शासन के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की भी जांच कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में स्कूल भवनों के निर्माण में पैसे खाए गए और घटिया निर्माण कराया गया। मंत्री ने कहा कि ऐसे सभी भवनों की जांच कर उन्हें भी जमींदोज किया जाएगा।