राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव : वार्डों की आरक्षण लॉटरी आज, परिणाम जारी होते ही होगी चुनावों की घोषणा
राजस्थान में आज शहरी निकायों के वार्डों की लॉटरी होगी। जयपुर में लॉटरी सुबह 9:30 बजे निकलेगी। लॉटरी जारी होने के तुरंत बाद राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेश में निकाय चुनावों की घोषणा कर देगा। यानी प्रदेश में आज से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच गई हैं। नगरीय निकायों में वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आज 17 अगस्त को निकाली जाएगी। लॉटरी के परिणाम जारी होते ही चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी और इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। जयपुर में यह लॉटरी सुबह 9:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में निकाली जाएंगी।
नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाने प्रस्तावित हैं। प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में चुनाव होगा। इसके लिए 16,482 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को पहले ही निकाली जा चुकी है। अब वार्डों की लॉटरी के साथ नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम पूरा होगा।
वार्डों की लॉटरी से तय होगा चुनावी गणित आज होने वाली लॉटरी में नगर निकायों के वार्डों के आरक्षण की स्थिति तय होगी। किस वार्ड से किस वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा, इसका निर्धारण होने के बाद संभावित दावेदारों का चुनावी गणित भी बदल जाएगा।
लॉटरी के परिणाम सामने आते ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं और दावेदारों की नजर अपने-अपने वार्ड की स्थिति पर होगी। आरक्षण बदलने की स्थिति में कई दावेदारों को दूसरे वार्डों का रुख भी करना पड़ सकता है।
यह भी पढें- Rajasthan: बांसवाड़ा में निकाय चुनाव की आहट से गरमाई सियासत, कांग्रेस फिर बनाएगी बोर्ड या BJP करेगी वापसी?
परिणाम मिलते ही निर्वाचन आयोग सक्रिय
राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया है कि - आरक्षण की लॉटरी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि चुनाव कार्यक्रम जारी करने का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग के पास है। वार्डों की लॉटरी के परिणाम आयोग को उपलब्ध होते ही नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की चुनावी गतिविधियां निर्वाचन आयोग के नियमों के दायरे में आ जाएंगी।
15 नवंबर तक स्थानीय चुनाव कराने की समयसीमा
राज्य में नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 15 नवंबर 2026 तक पूरा कराने की समयसीमा तय है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में नगरीय निकाय और इसके बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने प्रस्तावित हैं।
पंचायती राज संस्थाओं के शेष पदों के लिए आरक्षण लॉटरी अब सितंबर में होगी। जिला स्तर पर 17 सितंबर और उपखंड स्तर पर 18 सितंबर को लॉटरी प्रस्तावित है।
आज के बाद शुरू होगा चुनावी माहौल
नगरीय निकायों के वार्डों की लॉटरी को चुनावी प्रक्रिया का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। अध्यक्ष पदों की लॉटरी पहले ही हो चुकी है और अब वार्डों का आरक्षण भी तय हो जाएगा। ऐसे में आज की लॉटरी के बाद संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने की संभावना है।