Rajasthan: ब्यूरोक्रेसी पर घिरे भजनलाल, कांग्रेस के समय के अफसरों नहीं हटा पाएगी सरकार? गहलोत ने थपथपा ली पीठ
Rajasthan News: राजस्थान में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा यही है कि क्या भजनलाल सरकार पिछली गहलोत सरकार के समय से जमे शीर्ष अफसरों को हटा पाएगी या नहीं। पूर्व सीएम गहलोत ने इस मुद्दे पर सीएम भजनलाल को घेर लिया। जानें, क्या बोले गहलोत?
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प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को लेकर भजनलाल सरकार बुरी तरह से घिरती जा रही है। जिन अफसरों के खिलाफ विपक्ष में रहते हुए भाजपा लगातार आरोप लगा रही थी, वही अफसर मौजूदा सरकार को चला रहे हैं। आठ महीने की सत्ता के बाद भजनलाल सरकार इन अफसरों को टस से मस नहीं कर पाई है। इसे लेकर अब पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी सरकार पर हमला बोला है और अपनी पीठ थपथपाई है।
गहलोत ने क्या कहा पढ़िए....
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को IAS और IPS के तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल पर तीखा हमला बोला। गहलोत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा- हमारी सरकार के दौरान भाजपा ने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी पर तमाम आरोप लगाए थे। हमारी सरकार द्वारा विभिन्न पदों पर IAS, IPS, IFS, RAS, RPS की नियुक्तियों पर भाजपा के साथी अनर्गल टिप्पणियां करते थे। आज सरकार के करीब 8 महीने हो जाने के बाद भी सरकार चलाने वाले प्रमुख पदों पर हमारी सरकार के समय लगाए गए अधिकारी ही काबिज हैं। यह दिखाता है कि हमारी सरकार द्वारा की गईं नियुक्तियां पूरी तरह उचित थीं एवं भाजपा के आरोप पूरी तरह गलत साबित हुए हैं। तबादला सूची के इंतजार में अब अधिकारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है जिसके कारण जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि निकट भविष्य में कोई तबादला सूची नहीं आएगी जिससे अधिकारी अनिश्चिचतता की स्थिति को छोड़कर काम कर सकें।
ब्यूरोक्रेसी को लेकर लगातार निशाने पर भजनलाल सरकार
यह पहला मौका नहीं है कि राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी कई बार सत्ता पक्ष के लोग भी ब्यूरोक्रेसी की मनमानी पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी कसा था तंज
हाल में खत्म हुए बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी बीजेपी पर तंज कसा था कि बीजेपी का बजट भी पिछली कांग्रेस सरकार के अफसरों की टीम ने बनाया है।
भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत
ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत ने अफसरशाही हावी होने पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस राज के समय से बैठे अफसरों ने कई जगह बपौती जमा रखी है। कई सरकारी कार्यालयों में कांग्रेस के कार्यकाल से अफसर बैठे हुए हैं, वहां उन्होंने ऐसे बपौती जमा रखी है कि जैसे शासन तो हम चला रहे हैं।
देवी सिंह भाटी ने भी उठाए थे अफसरशाही हावी होने पर सवाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता देवी सिंह भाटी भी इससे पहले अफसरशाही के हावी होने पर सवाल उठा चुके हैं। भाटी ने पिछले दिनों कहा था कि अफसरशाही हावी है, नेता और विधायक मुख्य सचिव के यहां लाइन लगाकर खड़े रहते हैं। ब्यूरोक्रेसी हावी होने से नुकसान हुआ है। इसमें बदलाव लाया जाना चाहिए।
जिस अरोड़ा के खिलाफ एसीबी जांच पेंडिंग, वही सरकार चला रहे
वित्त विभाग के एसीएस अखिल अरोड़ा लंबे समय से वित्त विभाग में जमे हुए हैं। पिछली गहलोत सरकार में अरोड़ा के डीओआईटी चेयरमैन रहते हुए योजना भवन में करोड़ों रुपए कैश और सोने की सिल्लियां मिलीं। इसके बाद एसीबी ने इनके खिलाफ डीओआईटी में भ्रष्टाचार को लेकर नामजद चिट्ठी सरकार को लिखी। इस चिट्ठी में 17-ए के तहत अरोड़ा के खिलाफ जांच की अनुमती मांगी गई। लेकिन जीरो टोलरेंस का दावा करने वाली सरकार ने न तो जांच की अनुमति दी और न ही अरोड़ा को वित्त विभाग जैसे अहम महकमें से हटाया। इनके अलावा डीओपी, गृह, पर्यटन जैसे बड़े विभागों में भी पिछली सरकार के समय से ही अफसर जमे बैठे हैं।

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