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Massive Fire at Electrical Equipment Factory in Jaipur, Woman Worker Burnt Alive, Two Injured
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Jaipur News: जयपुर के महेश नगर में फैक्ट्री में भीषण आग, महिला मजदूर की जिंदा जलकर मौत, दो गंभीर रूप से झुलसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Thu, 23 Apr 2026 10:22 AM IST
राजधानी जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक महिला मजदूर की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
बेसमेंट में अचानक भड़की आग, मचा हड़कंप
घटना सुदर्शनपुरा के 22 गोदाम इलाके में जेएमडी एंटरप्राइजेज नामक इस फैक्ट्री के बेसमेंट में हुई, जहां अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के दौरान बेसमेंट में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में विस्फोट भी हुआ, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
मृतका की पहचान, दो मजदूर गंभीर रूप से घायल
महेश नगर थाना प्रभारी सुरेश यादव के अनुसार, मृतका की पहचान गोमा देवी (47) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं। वहीं, घायल मजदूर अभिषेक (30) और मनोज मालाकर (42) को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है।
सिलेंडर विस्फोट से लगी आग, जांच में खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में लोहे की चादरों को काटने और इलेक्ट्रिक बॉक्स बनाने का काम किया जाता था। इस प्रक्रिया में भट्टी और गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था। बेसमेंट में पाउडर पोटिंग की भट्टी से जुड़े सिलेंडर में विस्फोट होने से आग लगी। उस समय कम्प्रेसर भी चालू था, जिससे आग तेजी से फैल गई।
दमकल की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
फैक्ट्री में करीब 69 किलो एलपीजी गैस से भरे पांच सिलेंडर मौजूद थे। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले इन सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर हटाया, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
बिना फायर एनओसी के चल रही थी फैक्ट्री
चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री बिना फायर एनओसी के संचालित हो रही थी और वहां कोई भी फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। बेसमेंट में वेंटिलेशन की भी उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे आग के दौरान हालात और खतरनाक हो गए। घटना के समय फैक्ट्री में सात मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से तीन को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया।
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