फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Naresh Meena gets relief in 20-year-old case but still lodged in Tonk jail

Rajasthan: थप्पड़ कांड वाले नरेश मीणा को एक मामले में राहत तो मिली, लेकिन अब भी जेल में बंद हैं, जानें

Thu, 01 May 2025 06:41 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 01 May 2025 06:41 PM IST
सार

Naresh Meena: थप्पड़ कांड वाले नरेश मीणा को एक पुराने मामले में राहत मिल गई है। लेकिन मीणा अब भी टोंक जेल में बंद हैं। पूरा मामला क्या है, यहां जान लीजिए।

विज्ञापन
Rajasthan Naresh Meena gets relief in 20-year-old case but still lodged in Tonk jail
नरेश मीणा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर की एक अदालत ने गुरुवार को राजस्थान की राजनीति में चर्चित चेहरा बन चुके नरेश मीणा को एक पुराने आपराधिक मामले में बड़ी राहत दी। जयपुर महानगर प्रथम की एमएम-12 अदालत ने पांच अगस्त 2004 को राजस्थान यूनिवर्सिटी में घूमर कार्यक्रम के दौरान रोड जाम और राजकार्य में बाधा डालने से जुड़े केस में उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जज खुशबू परिहार की अदालत ने कहा कि मामले में पुलिस ने कोई स्वतंत्र गवाह पेश नहीं किया और मुख्य परिवादी ट्रायल के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ।

विज्ञापन


दरअसल, यह मामला पांच अगस्त 2004 को दोपहर एक बजे राजस्थान यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित घूमर कार्यक्रम से जुड़ा है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान नरेश मीणा, मान सिंह मीणा और अन्य युवक स्टेज की ओर जबरन बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिस पर नरेश मीणा ने कथित रूप से भीड़ को उकसाया। इस दौरान एक पत्थर ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल की आंख पर जा लगा, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद गांधी नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: राजस्थान में कांस्टेबल सात हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ाया, इसलिए मांगी थी घूस
विज्ञापन
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस द्वारा कोई स्वतंत्र गवाह नहीं लाया गया। केवल पुलिसकर्मियों को ही गवाह बनाया गया, जिनकी निष्पक्षता पर सवाल उठे। साथ ही मुख्य परिवादी कोर्ट में कभी पेश नहीं हुआ। मौके का नक्शा, मेडिकल रिपोर्ट या घटना स्थल की कोई फोटोग्राफिक सामग्री भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। ऐसे में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में नरेश मीणा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। उनकी पैरवी एडवोकेट फतेहराम मीणा और एडवोकेट अब्दुल वाहिद नकवी ने की।

यह भी पढ़ें: SMS अस्पताल में छत का हिस्सा मरीज पर गिरा...पेशेंट्स के होट, सिर और आंख के पास चोट लगी

हालांकि, इस मामले में राहत के बावजूद नरेश मीणा अभी भी टोंक सेंट्रल जेल में बंद हैं। वे देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे। इस मामले में उनकी जमानत याचिका 19 मार्च को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके अलावा समरावता गांव में हुई हिंसा के मामले में भी 12 फरवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed