सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan News Vikram Bhatt and Wife Shwetambari Bhatt Grant Bail Over Fraud Case

Rajasthan: सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को दी नियमित जमानत, जांच रहेगी जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 19 Feb 2026 12:32 PM IST
विज्ञापन
सार

सुप्रीम कोर्ट ने 44.7 करोड़ रुपये की कथित फिल्म निर्माण धोखाधड़ी मामले में विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को नियमित जमानत दी। अदालत ने मामले को मध्यस्थता केंद्र भेजा, जबकि जांच जारी रखने की अनुमति भी दी।

Rajasthan News Vikram Bhatt and Wife Shwetambari Bhatt Grant Bail Over Fraud Case
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार

Trending Videos

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की तीन जजों की पीठ ने बुधवार को फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को नियमित जमानत दे दी। यह जमानत राजस्थान के उदयपुर के भूपालपुरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 213/2025 के मामले में दी गई है।

मामला एलएलपी कंपनियों के जरिए किए गए फिल्म निर्माण समझौतों से जुड़ा है। आरोप है कि प्रस्तावित फिल्म परियोजनाओं के नाम पर करीब 44.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जालसाजी और धन के दुरुपयोग किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसएलपी (क्रिमिनल) संख्या 2647/2026 की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया, जिसमें कहा गया कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद सुलझाना चाहते हैं। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि समझौते की कोशिश के लिए आरोपियों को अंतरिम जमानत देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद अदालत ने दोनों को नियमित जमानत दे दी।


पढ़ें; झालावाड़ में दूल्हे के चाचा की हार्ट अटैक से मौत, दो शादियां टलीं; खुशियां गम में बदलीं

संविदात्मक काम पूरे करने की इच्छा जताई थी
विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने अदालत को बताया कि दोनों पक्ष विवाद खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने ईमेल भेजकर फिल्म निर्माण से जुड़े संविदात्मक काम पूरे करने की इच्छा जताई थी। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने जमानत का विरोध किया। उनका कहना था कि जांच अभी जारी है और कई गवाह मुंबई में हैं। ऐसे में आरोपियों की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दोनों पक्ष समझौते के इच्छुक हैं तो उन्हें इसका अवसर दिया जाना चाहिए। अदालत ने मामले को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेज दिया ताकि आपसी समाधान की कोशिश की जा सके। अदालत ने यह भी साफ किया कि जांच पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। जांच एजेंसी कानून के अनुसार अपनी कार्रवाई जारी रख सकती है। यानी जमानत मिलने के बावजूद आपराधिक जांच पहले की तरह चलती रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed