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Rajasthan News: न्यूक्लियर पॉवर हब बनेगा राजस्थान, 10 परमाणु रिएक्टरों के साथ बढ़ेगी 6,280 मैगावाट क्षमता
Thu, 30 Jul 2026 12:04 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:04 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि राजस्थान में 10 परमाणु रिएक्टर विभिन्न चरणों में हैं। सभी परियोजनाएं पूरी होने पर राज्य की परमाणु ऊर्जा क्षमता 6,280 मेगावाट तक पहुंचेगी।
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परमाणु ऊर्जा संयंत्र
- फोटो : पीआईबी
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विस्तार
राजस्थान आने वाले वर्षों में 6,280 मेगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता वाला देश का प्रमुख न्यूक्लियर पावर हब बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि राज्य में संचालित, निर्माणाधीन, प्री-प्रोजेक्ट और प्रस्तावित परियोजनाओं को मिलाकर कुल 10 परमाणु रिएक्टर विभिन्न चरणों में हैं। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला, राहुल कस्वां और संजना जाटव के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
राजस्थान में परमाणु परियोजनाओं की स्थिति
सरकार के अनुसार रावतभाटा परमाणु ऊर्जा परियोजना (RAPP) की कई इकाइयां पहले से संचालित हैं। इनमें RAPS-2 (200 मेगावाट), RAPS-3 एवं 4 (2×220 मेगावाट), RAPS-5 एवं 6 (2×220 मेगावाट) और RAPP-7 (700 मेगावाट) शामिल हैं। इसके अलावा RAPP-8 (700 मेगावाट) का निर्माण अंतिम चरण में है। बांसवाड़ा जिले में माही बांसवाड़ा राजस्थान एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (MBRAPP) की चार इकाइयों (1 से 4) पर प्री-प्रोजेक्ट गतिविधियां चल रही हैं। वहीं RAPP-9 और RAPP-10 (2×700 मेगावाट) प्रस्तावित हैं।
यह भी पढें- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: न्यूजीलैंड की बॉक्सर को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची राजस्थान की बेटी, भारत का पदक पक्का
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रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
केंद्र सरकार ने बताया कि एनपीसीआईएल (NPCIL) ने रावतभाटा और माही बांसवाड़ा परियोजना क्षेत्रों के 30 किलोमीटर दायरे में पर्यावरण एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर बढ़े हैं, औद्योगीकरण को गति मिली है, कौशल विकास को बढ़ावा मिला है तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है।
अभी नहीं बनेगा अलग एक्शन प्लान
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राजस्थान के लिए कोई अलग विशेष कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। हालांकि SHANTI Act, 2025 लागू होने के बाद नियम बनने पर स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को भी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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राजस्थान में परमाणु परियोजनाओं की स्थिति
सरकार के अनुसार रावतभाटा परमाणु ऊर्जा परियोजना (RAPP) की कई इकाइयां पहले से संचालित हैं। इनमें RAPS-2 (200 मेगावाट), RAPS-3 एवं 4 (2×220 मेगावाट), RAPS-5 एवं 6 (2×220 मेगावाट) और RAPP-7 (700 मेगावाट) शामिल हैं। इसके अलावा RAPP-8 (700 मेगावाट) का निर्माण अंतिम चरण में है। बांसवाड़ा जिले में माही बांसवाड़ा राजस्थान एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (MBRAPP) की चार इकाइयों (1 से 4) पर प्री-प्रोजेक्ट गतिविधियां चल रही हैं। वहीं RAPP-9 और RAPP-10 (2×700 मेगावाट) प्रस्तावित हैं।
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रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
केंद्र सरकार ने बताया कि एनपीसीआईएल (NPCIL) ने रावतभाटा और माही बांसवाड़ा परियोजना क्षेत्रों के 30 किलोमीटर दायरे में पर्यावरण एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर बढ़े हैं, औद्योगीकरण को गति मिली है, कौशल विकास को बढ़ावा मिला है तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है।
अभी नहीं बनेगा अलग एक्शन प्लान
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राजस्थान के लिए कोई अलग विशेष कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। हालांकि SHANTI Act, 2025 लागू होने के बाद नियम बनने पर स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को भी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।