राजस्थान निकाय चुनाव: चार बड़े नगर निगमों में महापौर पद अनारक्षित, आरक्षण की तस्वीर साफ
राजस्थान में आगामी शहरी निकाय चुनावों को लेकर आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। स्वायत्त शासन विभाग ने 309 शहरी निकायों में अध्यक्ष पदों के आरक्षण का आवंटन पूरा कर दिया है। राज्य के प्रमुख नगर निगमों में जयपुर ग्रेटर, जयपुर हेरिटेज, जोधपुर और कोटा को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है, जबकि कुछ नगर निगमों में महापौर पद महिला और OBC महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
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राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब कई निकायों में चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। स्वायत्त शासन विभाग की राज्यस्तरीय लॉटरी प्रक्रिया के जरिए 309 शहरी निकायों में अध्यक्ष पदों के आरक्षण का निर्धारण किया गया है। आरक्षण की यह प्रक्रिया रोटेशन और जनसंख्या के आधार पर पूरी की गई है। सूची जारी होने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है।
बड़े नगर निगमों में आरक्षण से बदलेगा चुनावी गणित
लॉटरी व्यवस्था के तहत विभिन्न नगर निगमों के महापौर पदों की आरक्षण स्थिति भी तय की गई है। जयपुर ग्रेटर, जयपुर हेरिटेज और जोधपुर समेत प्रमुख नगर निगमों में आरक्षण की स्थिति के अनुसार उम्मीदवारों की दावेदारी प्रभावित होगी। वहीं, कोटा नगर निगम के महापौर पद को OBC महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने का उल्लेख है। ऐसे में यहां केवल अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला उम्मीदवार ही दावेदारी कर सकेगी। कुछ अन्य प्रमुख नगर निगमों में महापौर पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। ऐसे पदों पर संबंधित आरक्षित श्रेणी की महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगी।
SC और ST वर्ग के लिए भी तय हुआ आरक्षण
स्वायत्त शासन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 309 शहरी निकायों में नियमानुसार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित किए गए हैं। इन वर्गों के लिए आरक्षण तय करने में वर्ष 2011 की जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों को आधार बनाया गया है। SC और ST वर्ग के लिए आरक्षित निकायों में महिलाओं के लिए भी निर्धारित संख्या में पद आरक्षित किए गए हैं।
OBC और महिला प्रत्याशियों के लिए भी आरक्षण
अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए भी रोटेशन व्यवस्था के तहत विभिन्न निकायों में अध्यक्ष पद आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण प्रक्रिया में महिला प्रतिनिधित्व का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत सामान्य वर्ग महिला, OBC महिला, SC महिला और ST महिला श्रेणियों के लिए पद आरक्षित किए गए हैं।
आरक्षण सूची जारी होते ही चुनावी तैयारियां तेज
आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद आगामी निकाय चुनावों को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने निकायों में आरक्षण की स्थिति के आधार पर रणनीति तैयार करेंगे। वहीं, राजनीतिक दलों के सामने भी नए सिरे से उम्मीदवार चयन और चुनावी समीकरण तय करने की चुनौती होगी।