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RPSC प्राध्यापक (हिन्दी) भर्ती-2022 फर्जी डिग्री प्रकरण: एसओजी ने मुख्य सहयोगी अशोक विश्नोई को किया गिरफ्तार

Thu, 16 Jul 2026 06:06 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2026 06:06 PM IST
सार

आरपीएससी प्राध्यापक (हिन्दी) भर्ती-2022 के फर्जी डिग्री मामले में एसओजी ने मुख्य सहयोगी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार किया। अब तक 15 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस पूरे फर्जी डिग्री नेटवर्क की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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SOG Arrests Key Accused in Fake Degree Scam Linked to RPSC Hindi Lecturer Recruitment 2022
अभियुक्त अशोक बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (हिन्दी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़े फर्जी डिग्री प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सहयोगी आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी को 13 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत से उसे 17 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।

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जांच के अनुसार, अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने आरपीएससी में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत कर नियुक्ति हासिल करने का प्रयास किया था। आयोग की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन कराने पर यह डिग्री विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं पाई गई। इसके बाद 20 मार्च 2024 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में अभ्यर्थी के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज और असत्य शपथ-पत्र प्रस्तुत करने का मामला दर्ज किया गया।

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अनुसंधान में सामने आया कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया ने महेंद्र सिंह राव के माध्यम से डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. सुरेश कुमार की बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी एमए (हिन्दी) की मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध कराई गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंदुल से संपर्क कर फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसओजी के अनुसार, इस मामले में अब तक फर्जी डिग्री हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी सहित कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अशोक विश्नोई के खिलाफ फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने से जुड़े एक अन्य मामले (प्रकरण संख्या 101/2024) में भी जांच जारी है, जिसमें उसकी गिरफ्तारी अभी शेष है। इसके अलावा वह जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज एक अन्य मामले (प्रकरण संख्या 245/2026) में भी पहले गिरफ्तार हो चुका है।

यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की गई। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई कर रहे हैं। एसओजी का कहना है कि फर्जी डिग्री गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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