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Jaisalmer: 'प्रेम ने बनाया कलाकार, बदले ने छीना जीवन', करणाराम भील की रहस्यमयी हत्या को 37 साल, सिर आज तक गुम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 28 Jul 2025 04:08 PM IST
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सार
जैसलमेर के करणाराम भील कभी नड़ वादन में माहिर कलाकार, गिनीज रिकॉर्ड होल्डर और जैसलमेर पर्यटन का चेहरा हुआ करते थे। लेकिन उनका जीवन उतना ही रहस्यमयी और सनसनीखेज था।
गिनीज रिकॉर्ड होल्डर करणाराम भील
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के जैसलमेर जिले के पूरब के रेगिस्तानी इलाकों में आज भी एक नाम रहस्यमयी ढंग से गूंजता है, वो नाम है करणाराम भील। कभी कुख्यात डाकू के रूप में जाना जाने वाला करणाराम, बाद में जैसलमेर की लोक-संस्कृति का आइकॉन बन गए। न सिर्फ उसकी आठ फीट लंबी मूंछें चर्चा में थीं, बल्कि उसका नड़ वादन, जेल में कलाकार के रूप में उभरी उसकी पहचान, और फिर राष्ट्रपति द्वारा माफी पाए जाने की कहानी आज भी इलाके में किस्सों की तरह सुनाई जाती है। लेकिन इन सबके बीच उसकी मौत की सनसनीखेज वारदात आज भी अनसुलझी है।
संगीत और प्रेम की अनोखी कहानी
कभी जैसलमेर के सोनार किले की पहचान माने जाने वाले करणाराम भील ने अफगानिस्तान की एक युवती लाली के प्रेम में नड़ वादन सीखा। वह देशभर में प्रसिद्ध नड़ वादक बन गए और जैसलमेर के हर बड़े आयोजन का हिस्सा बनने लगे। जेल में रहने के दौरान भी वो वीआईपी कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। राष्ट्रपति के सामने उसकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर उनकी उम्रकैद की सजा माफ कर दी थी।
ये भी पढ़ें: तीन दिन के धरने के बाद मानी परिजनों की मांगें, समर्थन करने पहुंचे बेनीवाल, हत्या का मामला दर्ज
हत्या और रहस्य
2 अक्टूबर 1988 को करणाराम की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। हमलावरों ने सिर काटकर धड़ ऊंटगाड़ी पर रख दिया और सिर लेकर फरार हो गए। यह ऊंटगाड़ी जब करणाराम के घर पहुंची तो परिजन स्तब्ध रह गए। आज 37 साल बीत चुके हैं, लेकिन करणाराम का सिर अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे उनका अंतिम संस्कार भी अधूरा है।
परिजनों का कहना है कि हत्या की साजिश इलियास की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी, जिसे करणाराम ने जमीन विवाद में गोली मार दी थी। इस मामले में कुछ आरोपी पाकिस्तान भाग गए, जिनमें से दो, कायम और मेहरा खान, सत्तू क्षेत्र के बताए गए। प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण आज तक उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
गिनीज रिकॉर्ड और सांस्कृतिक पहचान
करणाराम की 8 फीट लंबी मूंछों ने उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंचाया। उन्होंने कई मूंछ प्रतियोगिताएं जीती थीं और जैसलमेर के पर्यटन को पहचान दिलाने में योगदान दिया था।
परिवार की अपील
करणाराम के परिवार की आज भी एक ही मांग है कि हमें उनका सिर चाहिए, ताकि हम उसे विधिपूर्वक अंतिम विदाई दे सकें।”
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संगीत और प्रेम की अनोखी कहानी
कभी जैसलमेर के सोनार किले की पहचान माने जाने वाले करणाराम भील ने अफगानिस्तान की एक युवती लाली के प्रेम में नड़ वादन सीखा। वह देशभर में प्रसिद्ध नड़ वादक बन गए और जैसलमेर के हर बड़े आयोजन का हिस्सा बनने लगे। जेल में रहने के दौरान भी वो वीआईपी कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। राष्ट्रपति के सामने उसकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर उनकी उम्रकैद की सजा माफ कर दी थी।
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हत्या और रहस्य
2 अक्टूबर 1988 को करणाराम की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। हमलावरों ने सिर काटकर धड़ ऊंटगाड़ी पर रख दिया और सिर लेकर फरार हो गए। यह ऊंटगाड़ी जब करणाराम के घर पहुंची तो परिजन स्तब्ध रह गए। आज 37 साल बीत चुके हैं, लेकिन करणाराम का सिर अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे उनका अंतिम संस्कार भी अधूरा है।
परिजनों का कहना है कि हत्या की साजिश इलियास की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी, जिसे करणाराम ने जमीन विवाद में गोली मार दी थी। इस मामले में कुछ आरोपी पाकिस्तान भाग गए, जिनमें से दो, कायम और मेहरा खान, सत्तू क्षेत्र के बताए गए। प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण आज तक उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
गिनीज रिकॉर्ड और सांस्कृतिक पहचान
करणाराम की 8 फीट लंबी मूंछों ने उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंचाया। उन्होंने कई मूंछ प्रतियोगिताएं जीती थीं और जैसलमेर के पर्यटन को पहचान दिलाने में योगदान दिया था।
परिवार की अपील
करणाराम के परिवार की आज भी एक ही मांग है कि हमें उनका सिर चाहिए, ताकि हम उसे विधिपूर्वक अंतिम विदाई दे सकें।”