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Jaisalmer News: रहस्यमयी बीमारी से बकरियों की मौत, बीते सात दिनों में 40 से अधिक पशु मरे; पशुपालकों में दहशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:33 PM IST
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सार
बीते कई दिनों से बकरियों में फैल रही एक गंभीर बीमारी से करीब तीस से चालीस बकरियों की मौत हो गई। विशेषज्ञों ने प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर इंट्रो टॉक्सेमिया रोग होने की आशंका जताई है।
रहस्यमयी बीमारी से बकरियों की लगातार मौत
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विस्तार
बीते कई दिनों से बकरियों में फैल रही एक गंभीर बीमारी से करीब तीस से चालीस बकरियों की मौत हो गई। विशेषज्ञों ने प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर इंट्रो टॉक्सेमिया रोग होने की आशंका जताई है।
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सरहदी जिले जैसलमेर के लाठी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बकरियों में फैली एक रहस्यमयी बीमारी ने पशुपालकों को चिंता में डाल दिया है। अब तक करीब 30-40 बकरियों और 10 मेमनों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पशु अभी भी इस बीमारी की चपेट में हैं। अचानक हुई इन मौतों से पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
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स्थानीय पशुपालकों के अनुसार बीमारी बेहद तेजी से फैल रही है। संक्रमित बकरियों में पहले सुस्ती, भूख कम लगना और पेट से जुड़ी समस्याएं दिखाई देती हैं। इसके बाद तीन से चार दिनों के भीतर उनकी हालत बिगड़ जाती है और अंततः उनकी मौत हो जाती है। पशुपालकों का कहना है कि उन्होंने घरेलू और स्थानीय स्तर पर उपचार के कई प्रयास किए लेकिन कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग के निदेशक डॉ. उमेश वारगंटीवार स्वयं चिकित्सा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित गांवों का दौरा किया। बीमार बकरियों के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि बीमारी की सही पहचान हो सके और उसके अनुसार उपचार योजना बनाई जा सके।
प्रारंभिक जांच और लक्षणों के आधार पर विशेषज्ञों ने इंट्रो टॉक्सेमिया रोग की आशंका जताई है। इस रोग में बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न विषाक्त पदार्थ पशु के शरीर में तेजी से फैलते हैं, जिससे उसकी मृत्यु हो सकती है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए लाठी क्षेत्र के पशुपालकों के सामने आजीविका का संकट गहरा गया है। बकरियां यहां के लोगों के लिए आय का मुख्य स्रोत हैं, ऐसे में लगातार हो रही मौतों ने उनकी आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने और मुआवजे की मांग भी की है।