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Jaisalmer News: आधी रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने मचाई तबाही, हाईवे पर गिरा पोल, कई गांवों की बिजली गुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 03:44 PM IST
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सार
जैसलमेर में देर रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली पोल गिर गए, जबकि ग्रामीण इलाकों में मकानों और ढांचों को नुकसान पहुंचा और कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
कई गांवों में ब्लैकआउट जैसे हालात
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विस्तार
जिले में मंगलवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद तेज धूलभरी आंधी, अंधड़ और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। एक ओर बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। देर रात आसमान में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ ही देर में तेज हवाएं चक्रवाती अंधड़ का रूप लेकर पूरे क्षेत्र में फैल गईं। तेज हवाओं और बारिश के चलते कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
सबसे अधिक असर जैसलमेर-तनोट बाईपास मार्ग पर देखने को मिला, जहां तेज हवाओं के दबाव से एक विशाल हाईमास्ट/राजमार्ग पोल मुख्य सड़क पर गिर गया। पोल गिरने से मार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रात में यात्रा कर रहे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और मार्ग को सुचारु करने का कार्य शुरू किया।
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तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि अनेक घरों के टीन-छप्पर उड़ गए। कई स्थानों पर बड़े होर्डिंग और विज्ञापन बोर्ड भी धराशायी हो गए। ग्रामीणों के अनुसार हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को घरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। खेतों और पशु बाड़ों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि देर रात तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
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आंधी और बारिश का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। कृषि फीडरों से जुड़े कई बिजली पोल तेज हवाओं के कारण टूट गए या उखड़ गए, जिससे दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में पूरी रात ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त पोलों और तारों की मरम्मत के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं। हालांकि व्यापक नुकसान के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। नुकसान के बीच बारिश लोगों के लिए राहत भी लेकर आई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 12.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी व लू से राहत मिली।
मौसम विभाग ने आगामी 18 जून के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में फिर से धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने आंधी-तूफान के दौरान कच्चे मकानों, पुराने पेड़ों, बड़े होर्डिंग, बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करने और घरों के भीतर रहने की अपील की गई है।
जैसलमेर में आए इस अचानक मौसम परिवर्तन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेगिस्तानी इलाकों में मौसम का मिजाज पलभर में बदल सकता है। बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं अंधड़ और तूफान ने नुकसान की लंबी फेहरिस्त छोड़ दी।