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Jaisalmer: चलती स्कूल बस बनी आग का गोला, चालक की सूझबूझ से बची 17 बच्चों की जान, समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला
Tue, 11 Aug 2026 12:29 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:29 PM IST
सार
स्कूल जा रहे 17 बच्चों की बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। इंजन से धुआं उठता देख चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस रोक दी और सभी बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। चालक की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
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चलती स्कूल बस में लगी आग, 17 बच्चों को सुरक्षित बचाया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सदर थाना क्षेत्र में धऊवा गांव के पास 17 स्कूली बच्चों को लेकर जा रही चलती बस में अचानक आग लग गई। बस के इंजन वाले हिस्से से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और बिना देर किए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया।
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पिथला से स्कूल जा रही थी बस
स्कूल बस में आग लगने की घटना पर सदर पुलिस स्टेशन के ASI जगदीशदान ने बताया कि ड्राइवर ने अचानक गाड़ी से धुआं निकलते देखा; उसने तुरंत बस रोकी और बच्चों को बाहर निकाला। उसने फायर डिपार्टमेंट और बस मालिक से संपर्क किया, लेकिन तब तक आग तेज हो चुकी थी। बस में 17 स्कूली बच्चे सवार थे। अच्छी बात यह रही कि ड्राइवर की सूझबूझ से उसने बस रोक ली और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि आग बुझाने के लिए आस-पास पानी की कोई सुविधा नहीं थी, फिर भी उसने बच्चों को गाड़ी से दूर कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और बस को सड़क के किनारे हटा दिया गया है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हुआ। बस पिथला गांव से बच्चों को लेकर डाबला रोड स्थित एसएम पब्लिक स्कूल की ओर जा रही थी।
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गड्ढे से लगा झटका, फिर इंजन से निकला धुआं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस सामान्य गति से स्कूल की ओर जा रही थी। इसी दौरान सड़क पर बने एक गड्ढे में बस का अगला पहिया चला गया। गड्ढे से निकलते समय बस को तेज झटका लगा। इसके कुछ देर बाद चालक को इंजन वाले हिस्से से धुआं निकलता दिखाई दिया। चालक ने बिना जोखिम उठाए बस को सड़क किनारे रोक दिया। उसने सबसे पहले बस का गेट खोला और बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। सभी बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने के दौरान ही इंजन वाले हिस्से में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।
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कुछ ही देर में पूरी बस आग की चपेट में
आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही समय में बस का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। बस में रखे बच्चों के स्कूल बैग, किताबें और अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। गनीमत रही कि आग लगने से किसी बच्चे को चोट नहीं आई।
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फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
बस में आग लगने की सूचना पुलिस और नगर परिषद के अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि तब तक बस का अगले हिस्से समेत अधिकांश भाग बुरी तरह जल चुका था। सदर थाना प्रभारी महेंद्र कुमार सीरवी ने बताया कि बस पिथला गांव से बच्चों को लेकर डाबला रोड स्थित एसएम पब्लिक स्कूल जा रही थी। बस में कुल 17 बच्चे सवार थे। आग लगने के बाद चालक ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। थाना प्रभारी के अनुसार हादसे में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में बस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने इसे आग लगने का अंतिम कारण नहीं माना है। बस की तकनीकी स्थिति, इंजन, वायरिंग और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सड़क के गड्ढे से लगे झटके और उसके कुछ देर बाद इंजन से धुआं निकलने के बीच कोई संबंध था या नहीं। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
स्कूल बसों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना में किसी बच्चे के घायल नहीं होने से राहत है लेकिन चलती स्कूल बस में आग लगने की घटना ने स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। स्कूली बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में इंजन, वायरिंग, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। इस मामले में चालक की तत्परता से सभी 17 बच्चों को समय रहते बस से बाहर निकाल लिया गया और संभावित बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग के लिए भी जरूरी है कि बसों की फिटनेस, विद्युत वायरिंग, इंजन और अग्निशमन उपकरणों की जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। तकनीकी जांच और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर बस में आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाया जाएगा।