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Rajasthan: झाब पंचायत समिति बहाली की मांग को लेकर जालौर कलेक्ट्रेट का घेराव, प्रदर्शनकारियों ने सड़क किया जाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर Published by: जालौर ब्यूरो Updated Tue, 27 Jan 2026 05:48 PM IST
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सार

Rajasthan:  जालौर में झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति से निरस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पिछले 31 दिनों से चल रहे आंदोलन में ग्रामीण झाब को पुनः पंचायत समिति का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। 
 

Jalore Collectorate surrounded  protesters blocked road demanding reinstatement of Jhab Panchayat Samiti
कलेक्ट्रेट की तरफ जाती भीड़ को रोकते सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जालौर जिले के झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति घोषित करने के बाद उसे निरस्त किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। झाब सहित आसपास की 24 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण सुबह से ही एकजुट होकर रैली के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचे। करीब 150 से अधिक बसों, कारों और बाइक से पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया, वहीं वाहनों को डायवर्ट कर जालोर हाई सेकेंडरी स्कूल के मैदान में खड़ा करवाया गया।

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धरने पर बैठे हैं प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आहोर से कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान 'जीवाराम तेरी तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए गए। आक्रोश इतना बढ़ गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने लगे बैरिकेड्स गिरा दिए। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। फिलहाल प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे हुए हैं।

'पिछले 31 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन'
ग्रामीणों का कहना है कि झाब को पुनः पंचायत समिति का दर्जा देने की मांग को लेकर पिछले 31 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।



पहले किया था एसडीएम कार्यालय का घेराव 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। ग्रामीणों का तर्क है कि झाब की जनसंख्या 5,628 है, जबकि भादरूणा की जनसंख्या मात्र 3,232 है। इसके बावजूद झाब से पंचायत समिति का दर्जा छीना जाना न केवल अनुचित है, बल्कि जनभावनाओं के भी खिलाफ है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 13 जनवरी को चितलवाना में करीब 200 ट्रैक्टरों के साथ एसडीएम कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया गया था, लेकिन तब भी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

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जिला मुख्यालय तक पहुंचा धरना प्रदर्शन
गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से 28 नवंबर को जारी गजट में झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति घोषित किया गया था। इसके बाद इसे निरस्त किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इसी के विरोध में 28 दिसंबर से झाब में धरना शुरू हुआ, जो अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है। प्रशासन और पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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