Rajasthan: न कार, न घोड़ी; 51 ट्रैक्टरों में दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा, JCB से हुआ स्वागत, इंटरनेट पर छाई शादी
Rajasthan: राजस्थान के जालोर जिले के सराणा गांव में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां दूल्हा 51 ट्रैक्टरों में बारात लेकर दुल्हन को लेने पहुंचा। पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवित रखने के उद्देश्य से बारात को करीब 50 किलोमीटर घुमाया गया। वहीं, वधू पक्ष ने जेसीबी और ढोल-नगाड़ों के साथ बारात का भव्य स्वागत किया।
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राजस्थान के जालोर जिले के सराणा गांव में एक अनोखी शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां दूल्हा 51 ट्रैक्टरों में बारात लेकर दुल्हन को लेने पहुंचा। वहीं, वधू पक्ष ने भी जेसीबी के जरिए बारात का भव्य स्वागत किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवित रखने के उद्देश्य से बारात को करीब 50 किलोमीटर घुमाकर गांव लाया गया।
ग्रामीण परंपरा को जीवित रखने की अनोखी पहल
आधुनिक दौर में जहां शादियां हाई-प्रोफाइल और लग्जरी गाड़ियों में होने लगी हैं, वहीं सराणा गांव में आयोजित इस शादी ने ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की अलग मिसाल पेश की। इस अनोखे विवाह समारोह ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
51 ट्रैक्टरों में निकली बारात
जानकारी के अनुसार, सराणा गांव निवासी दिनेश कुमार चौधरी की शादी इसी गांव की रिंकू कुमारी के साथ तय हुई थी। शादी के अवसर पर दूल्हा दिनेश कुमार ने पारंपरिक तरीके से बारात निकालने का निर्णय लिया। इसके तहत दोपहर में ढोल-नगाड़ों के साथ 51 ट्रैक्टरों में बारात रवाना हुई।
50 किलोमीटर का कराया गया सफर
खास बात यह रही कि बारात को उसी गांव में पहुंचना था, लेकिन परंपरा निभाने के लिए इसे करीब 50 किलोमीटर का लंबा सफर तय कराया गया। बारात सराणा गांव से निकलकर देबावास, देवकी और हनवंतगढ़ सहित आसपास के कई गांवों से होकर गुजरी।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार दिखे बाराती
इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठे बारातियों के साथ दूल्हा भी कुर्सी पर सवार होकर पारंपरिक अंदाज में नजर आया। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनोखी बारात का स्वागत किया और जगह-जगह लोगों की भीड़ देखने को मिली।
जेसीबी से हुआ भव्य स्वागत
शाम को जब बारात सराणा गांव की सीमा में पहुंची तो वधू पक्ष ने भी खास तैयारी कर रखी थी। हनवंतगढ़ सीमा पर जेसीबी मशीन, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के बीच बारात का भव्य स्वागत किया गया। बारातियों पर फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया गया, वहीं महिलाओं ने मंगल गीत गाकर खुशी जाहिर की।
दूल्हे ने बताया परंपरा निभाने का उद्देश्य
दूल्हा दिनेश कुमार चौधरी ने बताया कि आजकल लोग लग्जरी गाड़ियों में बारात निकालते हैं, लेकिन उन्होंने पुराने रीति-रिवाजों को जीवित रखने के उद्देश्य से यह तरीका अपनाया। उन्होंने कहा कि वह आसपास के गांवों को यह संदेश देना चाहते हैं कि आधुनिकता के बीच अपनी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।
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पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी बारात
यह अनोखी बारात न केवल सराणा गांव, बल्कि पूरे जालोर जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करते हैं।
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