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Rajasthan: झालावाड़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 3 घंटे धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Mon, 13 Jul 2026 04:49 PM IST
झालावाड़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़ Published by: झालावाड़ ब्यूरो Updated Mon, 13 Jul 2026 04:49 PM IST
सार

झालावाड़ में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय पर तीन घंटे प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ग्रेच्युटी, भवन किराया, प्रोत्साहन राशि, सैनिटरी नैपकिन वितरण व्यवस्था समेत लंबित मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

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After hymns and songs, a memorandum was presented.
आंगनबाड़ी कर्मियों का मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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राजस्थान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मिनी सचिवालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्टर मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) में व्यस्त थे। इस बीच महिला कार्यकर्ताओं ने गीत और भजन गाकर अपना विरोध दर्ज कराया, जो प्रदर्शन का अनोखा तरीका रहा। शहर में रैली निकालकर मिनी सचिवालय पहुंचीं महिला कार्मिकों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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जिलाध्यक्ष मंजू कारपेंटर ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 1 जुलाई को प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार और 7 जुलाई से आम हड़ताल व तालाबंदी का आह्वान किया गया था। संगठन का आरोप है कि विभाग और सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वार्ता और समाधान का भरोसा मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं होने से प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि प्रदेशभर में चल रहा आंदोलन समाप्त हो सके और आंगनबाड़ी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

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प्रमुख मांगें

1- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सैनिटरी नैपकिन के ऑनलाइन वितरण का कार्य बंद किया जाए और इसे ऑफलाइन माध्यम से कराया जाए। उनका कहना है कि यह कार्य महिला अधिकारिता एवं चिकित्सा विभाग से संबंधित है, इसलिए इसे उसी विभाग के कर्मचारियों से कराया जाना चाहिए। साथ ही आईसीडीएस से जुड़े कार्यों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। 

2- कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी कार्मिकों को ग्रेच्युटी का भुगतान शुरू करने के आदेश तत्काल जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि बजट घोषणा के बावजूद अब तक इस संबंध में आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

3- भवन किराये को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 750 रुपये प्रतिमाह भवन किराया दिया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने 1,000 से 4,000 रुपये या उससे अधिक तक किराया देने का प्रावधान किया है। कई कार्यकर्ताओं ने निर्धारित मानकों के अनुसार 4,000 रुपये तक किराये पर भवन ले रखे हैं, लेकिन उन्हें अपनी जेब से किराया चुकाना पड़ रहा है। विभाग की ओर से पिछले एक वर्ष से भवन किराये का भुगतान भी लंबित है।

4- इसके अलावा सामुदायिक गतिविधियों, सीबीई, प्रोत्साहन राशि के बकाया भुगतान तथा राज्य और केंद्र सरकार से संबंधित अन्य लंबित मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की गई।

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