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Jhunjhunu News: ककराना में एक साथ उठी चार अर्थियां, नौसेना जवान के परिवार को अंतिम विदाई, गांव में पसरा मातम
Tue, 18 Aug 2026 10:49 AM IST
झुंझुनू ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 10:49 AM IST
सार
ककराना गांव में एक ही परिवार के चार शवों की एक साथ अंतिम विदाई ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। नौसेना में तैनात पूरणमल, उनकी पत्नी और दो बच्चों का मुंबई में निधन होने के बाद उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
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ककराना में नौसेना जवान के परिवार की दर्दनाक विदाई
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विस्तार
जिले के ककराना गांव में ऐसा मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। भारतीय नौसेना में कार्यरत पूरणमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा मेहरा और उनके दो मासूम बच्चों के शव मुंबई से पैतृक गांव पहुंचे। चारों की एक साथ अंतिम विदाई हुई। जवान पूरणमल और उनकी पत्नी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि दोनों बच्चों को दफनाया गया।
मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर के सरकारी आवास में पूरणमल का शव फंदे से लटका मिला था। उनकी पत्नी ओमा और दोनों बच्चों के शव कमरे में बेड पर मिले। घटना के बाद से मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच में पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव सहित अन्य संभावित कारणों को भी शामिल किया गया है। मौके से किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी नहीं है।
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परिजनों के अनुसार पूरणमल से लगातार तीन दिन तक फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। परिवार की चिंता बढ़ने पर शनिवार को नौसेना अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। शनिवार रात करीब 11 बजे परिवार को मुंबई से दुखद सूचना मिली। इसके बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि पूरणमल वर्ष 2015 में जोधपुर से भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। वर्ष 2020 में उनकी शादी सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा से हुई थी। करीब नौ महीने पहले ही वे गांव आए थे। परिजनों से उनकी करीब छह दिन पहले ही फोन पर बातचीत हुई थी।
चारों शव सेना के वाहन से ककराना लाए गए। गांव में अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। श्मशान घाट में पूरणमल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैन्य जवानों ने उनके पिता शंभुदयाल को तिरंगा सौंपा। छोटे भाई मुकेश कुमार ने मुखाग्नि दी। तीन भाइयों में पूरणमल दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई बृजलाल भी सेना में कार्यरत हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे ककराना गांव को झकझोर दिया है।
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मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर के सरकारी आवास में पूरणमल का शव फंदे से लटका मिला था। उनकी पत्नी ओमा और दोनों बच्चों के शव कमरे में बेड पर मिले। घटना के बाद से मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच में पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव सहित अन्य संभावित कारणों को भी शामिल किया गया है। मौके से किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी नहीं है।
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परिजनों के अनुसार पूरणमल से लगातार तीन दिन तक फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। परिवार की चिंता बढ़ने पर शनिवार को नौसेना अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। शनिवार रात करीब 11 बजे परिवार को मुंबई से दुखद सूचना मिली। इसके बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि पूरणमल वर्ष 2015 में जोधपुर से भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। वर्ष 2020 में उनकी शादी सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा से हुई थी। करीब नौ महीने पहले ही वे गांव आए थे। परिजनों से उनकी करीब छह दिन पहले ही फोन पर बातचीत हुई थी।
चारों शव सेना के वाहन से ककराना लाए गए। गांव में अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। श्मशान घाट में पूरणमल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैन्य जवानों ने उनके पिता शंभुदयाल को तिरंगा सौंपा। छोटे भाई मुकेश कुमार ने मुखाग्नि दी। तीन भाइयों में पूरणमल दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई बृजलाल भी सेना में कार्यरत हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे ककराना गांव को झकझोर दिया है।