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Rajasthan: 100 फीट ऊंचे तार पर जिंदगी और मौत के बीच अटका फ्लेमिंगो, बिजली बंद कर ढाई घंटे में किया रेस्क्यू
Tue, 18 Aug 2026 08:59 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:59 PM IST
सार
Rajasthan News: जोधपुर के कांकाणी गांव में 220 केवी बिजली लाइन पर फंसे फ्लेमिंगो को बचाने के लिए बिजली आपूर्ति बंद कर ढाई घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। करीब 100 फीट ऊंचाई पर तार में फंसे पक्षी का एक पैर टूट चुका था।
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बचाया गया 220 केवी बिजली लाइन पर फंसा फ्लेमिंगो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के कांकाणी गांव में 220 केवी विद्युत लाइन पर अटके एक फ्लेमिंगो पक्षी को ढाई घंटे चले जटिल अभियान के बाद सुरक्षित बचा लिया गया। 100 फीट ऊंचे तार पर लटके पक्षी की जान बचाने के लिए राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम की टीम ने लोड डिस्पेच सेंटर, जयपुर से बिजली आपूर्ति का शटडाउन लिया।
कांकाणी-पाली 220 केवी लाइन पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों ने एक पक्षी को तार में फंसा और तड़पते देखा। इसकी सूचना तुरंत सहायक अभियंता गंगाराम मांझू को दी गई। मामला गंभीर होने पर अधीक्षण अभियंता एमके सोनी भी दल के साथ मौके पर पहुंचे। बिजली लाइन बंद कराने के लिए जयपुर स्थित केंद्र से अनुमति मांगी गई, जो दोपहर 12:20 बजे प्राप्त हुई। इसके बाद तुरंत आपूर्ति रोककर बचाव कार्य शुरू किया गया।
100 फीट ऊपर झूले से बनाया मार्ग
ऊंचाई पर लटके पक्षी तक पहुंचने के लिए निर्माण और रखरखाव टीम की मदद ली गई। जिस प्रकार लाइन फॉल्ट दुरुस्त करने के लिए झूला बांधा जाता है, ठीक उसी तरह 100 फीट की ऊंचाई पर तार के पास झूला बांधकर उसे लॉक किया गया। टीम के एक तकनीकी कर्मचारी ने सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़कर पक्षी को तार से मुक्त कराया।
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यह भी पढ़ें: राजस्थान के 7 शहरों को मिली ई-बसों की सौगात, CM भजनलाल ने 71 बसों को दिखाई हरी झंडी
ग्रामीणों ने नीचे थाम रखा था जाल
हादसे में फ्लेमिंगो का एक पैर टूट गया था और वह केवल चमड़ी के सहारे तार पर लटका हुआ था। रेस्क्यू के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीण नीचे सुरक्षा जाल लेकर खड़े रहे। जैसे ही कर्मचारी ने पक्षी को तारों के चंगुल से छुड़ाया, वह सीधे नीचे बिछे जाल में आकर सुरक्षित गिरा। बिजली विभाग की सूचना पर वन विभाग की टीम पहले ही मौके पर पहुंच चुकी थी। बचाव कार्य पूरा होने के तुरंत बाद घायल पक्षी को इलाज के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।
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कांकाणी-पाली 220 केवी लाइन पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों ने एक पक्षी को तार में फंसा और तड़पते देखा। इसकी सूचना तुरंत सहायक अभियंता गंगाराम मांझू को दी गई। मामला गंभीर होने पर अधीक्षण अभियंता एमके सोनी भी दल के साथ मौके पर पहुंचे। बिजली लाइन बंद कराने के लिए जयपुर स्थित केंद्र से अनुमति मांगी गई, जो दोपहर 12:20 बजे प्राप्त हुई। इसके बाद तुरंत आपूर्ति रोककर बचाव कार्य शुरू किया गया।
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100 फीट ऊपर झूले से बनाया मार्ग
ऊंचाई पर लटके पक्षी तक पहुंचने के लिए निर्माण और रखरखाव टीम की मदद ली गई। जिस प्रकार लाइन फॉल्ट दुरुस्त करने के लिए झूला बांधा जाता है, ठीक उसी तरह 100 फीट की ऊंचाई पर तार के पास झूला बांधकर उसे लॉक किया गया। टीम के एक तकनीकी कर्मचारी ने सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़कर पक्षी को तार से मुक्त कराया।
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ग्रामीणों ने नीचे थाम रखा था जाल
हादसे में फ्लेमिंगो का एक पैर टूट गया था और वह केवल चमड़ी के सहारे तार पर लटका हुआ था। रेस्क्यू के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीण नीचे सुरक्षा जाल लेकर खड़े रहे। जैसे ही कर्मचारी ने पक्षी को तारों के चंगुल से छुड़ाया, वह सीधे नीचे बिछे जाल में आकर सुरक्षित गिरा। बिजली विभाग की सूचना पर वन विभाग की टीम पहले ही मौके पर पहुंच चुकी थी। बचाव कार्य पूरा होने के तुरंत बाद घायल पक्षी को इलाज के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।