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Blackbuck Poaching : सलमान खान के हाथों मारे गए काले हिरण का बिश्नोई समाज बना रहा स्मारक
Sun, 14 Aug 2022 05:11 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, जोधपुर।
एजेंसी, जोधपुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 14 Aug 2022 05:11 AM IST
सार
बिश्नोई समाज के लोग काले हिरण (कृष्ण मृग) को पारंपरिक व धार्मिक रूप से पवित्र मानते हैं। कांकाणी गांव में करीब सात बीघा जमीन में तैयार किए जा रहे स्मारक में एक अत्याधुनिक पशु बचाव केंद्र भी बनाया जा रहा है। यह स्मारक उसी स्थान पर बन रहा है, जहां सलमान खान ने काले हिरण की हत्या की थी।
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काले हिरण का बन रहा स्मारक।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के हाथों 24 वर्ष पहले मारे गए काले हिरण का स्मारक बनाया जा रहा है। पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा के लिए मशहूर बिश्नोई समाज की तरफ से जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में बनाए जा रहे स्मारक में काले हिरण की 800 किलो की मूर्ति लगाई जाएगी, जिसके सींग असली होंगे। इन्हें जंगल में प्राकृतिक रूप से मरने वाले हिरण के अवशेष से लिया गया है।
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बिश्नोई समाज के लोग काले हिरण (कृष्ण मृग) को पारंपरिक व धार्मिक रूप से पवित्र मानते हैं। कांकाणी गांव में करीब सात बीघा जमीन में तैयार किए जा रहे स्मारक में एक अत्याधुनिक पशु बचाव केंद्र भी बनाया जा रहा है। यह स्मारक उसी स्थान पर बन रहा है, जहां सलमान खान ने काले हिरण की हत्या की थी। ग्रामीणों ने आपस में पैसा जुटाकर यह स्मारक तैयार करने का फैसला किया है। स्मारक में लगाई जाने वाले कृष्ण मृग की मूर्ति तैयार की जा चुकी है, जिसे जोधपुर के शिल्पकार शंकर ने 15 दिन में तैयार किया है। एजेंसी
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सर कटे, रूख बचे, तो भी सस्ती जान
इस बारे में बिश्नोई समाज के नेता और पूर्व सांसद जसवंत सिंह बिश्नोई कहते हैं, हिरण हमारी पहचान हैं। हमारी पहचान कायम रखने के लिए उनका संरक्षण जरूरी है। यह स्मारक तैयार होने के बाद हम गुरु जंभोजी महाराज की शिक्षाएं अगली पीढ़ी को दे पाएंगे। जंभोजी महाराज कहते थे, सर कटे, रूख बचे, तो भी सस्ती जान। यानी, जान की कीमत पर भी पेड़ों और पर्यावरण की रक्षा जरूरी है। गुरु जम्भेश्वर द्वारा स्थापित बिश्नोई समाज की आचरण संहिता में कहा गया है कि, जो व्यक्ति पेड़ों और जानवरों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देता है, उसे गुरु जम्भेश्वर के चरणों में स्थान मिलता है। कांकाणी गांव में पेड़ों की रक्षा के लिए 363 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।
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सैफ और तीन अभिनेत्री बरी, सलमान को पांच साल जेल
- फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान जोधपुर में सलमान खान ने 26 से 28 सितंबर, 1998 के दौरान भवाद और मथानिया गांव में दो हिरणों की हत्या की थी।
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के हिरणों की हत्या के जुर्म में सलमान को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। वह फिलहाल जमानत पर है।
- इस मामले में अभिनेता सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्र भी आरोपी थे, लेकिन उन्हें सबूतों क अभाव में बरी कर दिया गया।