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Jodhpur: एम्स जोधपुर ने रचा इतिहास, 9 माह की बच्ची के दोनों कानों का एक ही सर्जरी में किया इम्प्लांट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 05:16 PM IST
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सार
Jodhpur: एम्स जोधपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है। नौ माह की बच्ची के दोनों कानों में एक ही सत्र में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया, जो किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार हुआ है।
जोधपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एम्स जोधपुर के ईएनटी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नौ माह की बच्ची के दोनों कानों में एक ही सत्र में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया है। माना जा रहा है कि किसी सरकारी संस्थान में इतनी कम उम्र में दोनों कानों का एक साथ कॉक्लियर इम्प्लांट पहली बार किया गया है।
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आवाजों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी बच्ची
बच्ची का जन्म अप्रैल 2025 में एमडीएम अस्पताल में हुआ था। कुछ समय बाद परिजनों ने देखा कि वह आवाजों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसके बाद बच्ची को एम्स जोधपुर के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमित गोयल को दिखाया गया। जांच में दोनों कानों में पूर्ण श्रवण हानि की पुष्टि हुई।
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बेहद चुनौतीपूर्ण था ऑपरेशन
विशेषज्ञों ने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट का सर्वोत्तम परिणाम कम उम्र में सर्जरी करने पर मिलता है। इसलिए टीम ने शीघ्र ऑपरेशन का निर्णय लिया। सर्जरी के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं। इतनी कम उम्र में बच्चे के शरीर में रक्त की मात्रा कम होती है, खोपड़ी की हड्डियां नरम होती हैं और त्वचा बेहद पतली होती है, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती है। इन चुनौतियों के बावजूद डॉ. अमित गोयल और डॉ. विधु शर्मा की टीम ने सफलतापूर्वक दोनों कानों में इम्प्लांट किया, जबकि एनेस्थीसिया का प्रबंधन डॉ. प्रियंका सेठी ने संभाला।
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सर्जरी के बाद बच्ची स्वस्थ
सर्जरी के बाद बच्ची को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब आगे ऑडिटरी थेरेपी और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एम्स जोधपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि जन्म के समय श्रवण जांच और आवश्यकता पड़ने पर जल्द कॉक्लियर इम्प्लांट बच्चों को सामान्य जीवन में शामिल करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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