{"_id":"6a0bf9643fc70095cd0eb732","slug":"major-decision-taken-at-gurjar-mahapanchayat-liquor-doda-banned-rules-changed-from-weddings-to-funeral-feasts-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: गुर्जर समाज की महापंचायत में बड़ा फैसला; शराब-दोडा पर बैन, शादी से लेकर मृत्युभोज तक बदले नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: गुर्जर समाज की महापंचायत में बड़ा फैसला; शराब-दोडा पर बैन, शादी से लेकर मृत्युभोज तक बदले नियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 11:19 AM IST
विज्ञापन
सार
Rajasthan: पाली में आयोजित गुर्जर समाज की महापंचायत में सामाजिक कुरीतियों, नशाखोरी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। शादी और मृत्युभोज से जुड़ी परंपराओं में सादगी लाने के साथ शिक्षा और गरीबों की मदद के लिए विशेष शिक्षा कोष बनाने का निर्णय किया गया।
गुर्जर समाज के महापंचायत की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों को मिटाने और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के उद्देश्य से एक बेहद ऐतिहासिक और अनुकरणीय कदम उठाया है। मारवाड़ क्षेत्र के पांच प्रमुख जिलों—पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर—के गुर्जर समाज ने मिलकर समाज सुधार की दिशा में कई कड़े और क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।
देवडूंगरी महापंचायत में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय
इस निर्णय की नींव 16 मई को पाली जिले के चंडावल के समीप स्थित भगवान देवनारायण मंदिर, देवडूंगरी परिसर में आयोजित एक विशाल महापंचायत में रखी गई। भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महापंचायत को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’ के नाम से भी जाना जाता है। बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष राजूराम मिणदार, उपाध्यक्ष नारायण फौजी, विभिन्न क्षेत्रों के पंच-पटेल, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। सभी ने हाथ उठाकर इन फैसलों का समर्थन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नशे और फिजूलखर्ची पर सख्त प्रतिबंध
समाज को खोखला कर रही नशाखोरी और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के लिए महापंचायत में बड़ा फैसला लिया गया। अब किसी भी सामाजिक समारोह में डोडा, अफीम और शराब जैसी नशीली वस्तुओं की मनुहार या परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी आयोजन में इस नियम का उल्लंघन हुआ तो समाज के लोग वहां भोजन नहीं करेंगे और कार्यक्रम का बहिष्कार कर बीच में ही लौट जाएंगे। साथ ही संबंधित व्यक्ति की सूचना स्थानीय पुलिस को दी जाएगी और समाज स्तर पर उस पर 2 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
Trending Videos
शादी समारोहों में सादगी को बढ़ावा
महापंचायत में विवाह आयोजनों को सादगीपूर्ण और अनुशासित बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण नियम बनाए गए। अब शादी के दौरान दूल्हे का क्लीन शेव रहना अनिवार्य होगा और दाढ़ी रखकर शादी करने पर रोक रहेगी। इसके अलावा शादियों में निकलने वाली बड़ी बिंदौली और डीजे के शोर-शराबे पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विवाह के दौरान होने वाली पहरावनी की रस्म में अधिकतम 21 हजार रुपए की सीमा तय की गई है। साथ ही सोने-चांदी के लेन-देन की परंपरा को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
मृत्युभोज और गमी की रस्मों में भी बदलाव
गमी और मृत्यु से जुड़ी कुरीतियों पर भी समाज ने सख्त रुख अपनाया है। महापंचायत में मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को समाप्त करने पर जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि अब 12वें की रस्म में केवल सादा भोजन बनाया जाएगा और मिठाई के रूप में सिर्फ पारंपरिक लापसी ही परोसी जाएगी। इसके साथ ही गुड़ की थाली फेरने की रस्म को बंद करने का फैसला लिया गया। यह भी तय किया गया कि मृत्यु होने पर कपड़े केवल महिला के पीहर पक्ष की ओर से ही लाए जाएंगे।
ये भी पढ़ें: Rajasthan Fuel Prices Rise: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, सप्लाई शॉर्ट, पैनिक से खपत में इजाफा
शिक्षा और गरीब परिवारों की मदद पर रहेगा फोकस
महापंचायत का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों में बर्बाद होने वाले धन को बचाकर बच्चों की शिक्षा और गरीब परिवारों के उत्थान में लगाना है। समाज के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि मृत्युभोज और दिखावे में खर्च होने वाले लाखों रुपए यदि गरीब परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और जरूरतमंद बेटियों के विवाह में लगाए जाएं, तो पूरा समाज आगे बढ़ सकता है। इसी सोच के तहत समाज स्तर पर एक विशेष शिक्षा कोष बनाने का निर्णय लिया गया है, जो होनहार छात्र-छात्राओं की सहायता करेगा। महापंचायत के दौरान डॉ. विक्रम पणिहार परिवार ने समाज के प्रतिभाशाली और गरीब युवाओं की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठाने का सराहनीय संकल्प भी लिया।