Rajasthan: 400 साल पुरानी चोरी हुई तोप की तलाश में राजस्थान पहुंची MP पुलिस, इस गांव में जेसीबी से खुदाई जारी
शिवपुरी स्थित नरवर किले से चोरी हुई करीब 400 साल पुरानी तोप की तलाश में एमपी और करौली पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। खुफिया सूचना पर हिंडौन सिटी के गांवड़ा मीणा में जेसीबी से खुदाई कर तलाशी जारी है।
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राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई करीब 400 वर्ष पुरानी तोप की तलाश में मध्य प्रदेश पुलिस करौली पहुंची है।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस को खुफिया तंत्र से सूचना मिली थी कि चोरी हुई तोप हिंडौन सिटी के गांवड़ा मीणा गांव में छिपाकर रखी गई है। इसी सूचना के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने करौली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई शुरू की है।
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दोनों राज्यों की पुलिस गांवड़ा मीणा गांव में सघन तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस जेसीबी मशीनों की मदद से कई स्थानों पर खुदाई कर रही है, ताकि चोरी हुई तोप का पता लगाया जा सके। तलाशी अभियान में 50 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। पूरे गांव में पुलिस की गतिविधियां तेज हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभावित स्थान की जांच की जा रही है।
क्या है मामला?
मध्य प्रदेश के शिवपुरी के नरवर किले से ऐतिहासिक तोप चोरी होने के मामले में जांच जारी है। जांच एजेंसियों को शक है कि चोरों ने तोप को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें लगा कि इसमें अष्टधातु यानी आठ धातुओं का मिश्रण है। जिसमें तोप के अंदर कई किलो सोना छिपा हो सकता है। यह घटना किले के अंदर तीन महीने पहले हुई एक और वारदात से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात खजाना खोजने वालों ने पौराणिक शाही खजाने की तलाश में नरवर किले के अंदर 20 फीट गहरी सुरंग खोद दी थी। इन दोनों घटनाओं में समानता देखी गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि दोनों ही घटनाएं मध्ययुगीन किले से जुड़ी छिपे हुए खजाने की लोक-कथाओं से प्रेरित हो सकती हैं।