{"_id":"696a6baff6fac029d00350a1","slug":"a-pin-in-the-hijab-got-stuck-in-the-girls-windpipe-requiring-an-endoscopy-kota-news-c-1-1-noi1391-3850704-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kota News: हिजाब में लगी पिन मासूम के सांस की नली में अटकी, एंडोस्कोपी कर बचाई गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kota News: हिजाब में लगी पिन मासूम के सांस की नली में अटकी, एंडोस्कोपी कर बचाई गई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
सार
Kota News: एमबीएस अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट में शुक्रवार को 11 साल की बच्ची का सफल ऑपरेशन किया गया। बालिका के परिजनों ने बताया कि हिजाब पहनने के दौरान एक पिन अचानक से सांस लेते समय उसके सांस की नली में जाकर फंस गई।
चिकित्सको ने बालिका के गले से निकाली पिन
विज्ञापन
विस्तार
कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट में शुक्रवार को 11 साल की बच्ची का सफल ऑपरेशन किया गया। बालिका की सांस की नली में एक पिन अटक गई थी। जिसको एंडोस्कोपी की मदद से निकाला गया। चिकित्सकों के मुताबिक बालिका अब खतरे से बाहर है और स्वस्थ है। मध्य प्रदेश के श्योपुर की रहने वाली 11 साल की बालिका की स्वास्थ्य नली में पिन तब फंस गई थी। जब वह हिजाब पहन रही थी।
बालिका को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर शिव कुमार ने बताया कि गुरुवार को मध्य प्रदेश के श्योपुर निवासी एक परिवार 11 साल की बालिका को लेकर कोटा आया था। बालिका को खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच और बालिका के एक्स-रे करने पर एक पिन दिखाई दी। इसके बाद एंडोस्कोपी प्रोसीजर के जरिए पिन को सावधानी से बाहर निकाला लिया गया।
1 इंच लंबी थी पिन
यह पिन करीब 1 इंच लंबी थी और इसके पीछे की तरफ प्लास्टिक मोती नुमा हिस्सा बना हुआ था। इस पिन का अधिकतर इस्तेमाल हिजाब पहनने के दौरान लगाने के लिए किया जाता है।
ये भी पढ़ें: चॉकलेट दिलाने के बहाने 6 साल की मासूम से हैवानियत, प. बंगाल का आरोपी गिरफ्तार
परिजनों ने बताया कैसे हुआ हादसा?
वहीं बालिका के परिजनों ने बताया कि जिस समय बालिका हिजाब पहन रही थी उस दौरान एक पिन उसने मुंह में दबा ली और दूसरी पिन को हिजाब में लगा रही थी। अचानक से सांस लेते समय मुंह वाली पिन उसके सांस की नली में जाकर फंस गई। बालिका को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसे खांसी भी उठने लगी। इसके बाद उसे शिवपुरी के चिकित्सालय में ले जाया गया। जहां पर एक्स-रे करवाने पर यह पिन नजर आई। लेकिन अस्पताल में पिन को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं होने पर उसे कोटा एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक बालिका अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
Trending Videos
बालिका को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर शिव कुमार ने बताया कि गुरुवार को मध्य प्रदेश के श्योपुर निवासी एक परिवार 11 साल की बालिका को लेकर कोटा आया था। बालिका को खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच और बालिका के एक्स-रे करने पर एक पिन दिखाई दी। इसके बाद एंडोस्कोपी प्रोसीजर के जरिए पिन को सावधानी से बाहर निकाला लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
1 इंच लंबी थी पिन
यह पिन करीब 1 इंच लंबी थी और इसके पीछे की तरफ प्लास्टिक मोती नुमा हिस्सा बना हुआ था। इस पिन का अधिकतर इस्तेमाल हिजाब पहनने के दौरान लगाने के लिए किया जाता है।
ये भी पढ़ें: चॉकलेट दिलाने के बहाने 6 साल की मासूम से हैवानियत, प. बंगाल का आरोपी गिरफ्तार
परिजनों ने बताया कैसे हुआ हादसा?
वहीं बालिका के परिजनों ने बताया कि जिस समय बालिका हिजाब पहन रही थी उस दौरान एक पिन उसने मुंह में दबा ली और दूसरी पिन को हिजाब में लगा रही थी। अचानक से सांस लेते समय मुंह वाली पिन उसके सांस की नली में जाकर फंस गई। बालिका को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसे खांसी भी उठने लगी। इसके बाद उसे शिवपुरी के चिकित्सालय में ले जाया गया। जहां पर एक्स-रे करवाने पर यह पिन नजर आई। लेकिन अस्पताल में पिन को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं होने पर उसे कोटा एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक बालिका अब पूरी तरह से स्वस्थ है।