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Kota News: महंत देवानंद हत्याकांड में 40 घंटे बाद भी नहीं मिला कोई सुराग, संपत्ति विवाद के एंगल पर जांच तेज

Mon, 08 Jun 2026 02:54 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Mon, 08 Jun 2026 02:54 PM IST
सार

महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार जारी है, लेकिन घटना के 40 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। संपत्ति विवाद, संदिग्ध थार गाड़ी और मठ से जुड़े लोगों से पूछताछ के बीच पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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Kota: No Breakthrough Even After 40 Hours in Mahant Devanand Murder Case, Property Dispute Angle Under Scanner
महंत के हत्यारे नहीं आए पकड़ में

विस्तार

जिले के मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या के 40 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि, वारदात के बाद पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
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वहीं, मृतक महंत के भाई बुधराज गुर्जर की ओर से दी गई शिकायत में संपत्ति विवाद को हत्या की संभावित वजह बताया गया है। परिजनों का आरोप है कि मठ की संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। वहीं ग्रामीणों ने दावा किया है कि घटना से पहले मठ के आसपास एक काले रंग की थार गाड़ी देखी गई थी। पुलिस ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर उस वाहन की भी तलाश कर रही है। महंत की हत्या के बाद संत समाज द्वारा दिया गया धरना समाप्त हो चुका है लेकिन संत समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों में अभी भी आक्रोश बना हुआ है। मामले के जल्द खुलासे की मांग लगातार उठ रही है।
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पुलिस की हिरासत में फिलहाल सात संदिग्ध बताए जा रहे हैं। इनमें मठ से जुड़े कुछ लोगों को भी पूछताछ के दायरे में रखा गया है। दूसरी ओर पुलिस ने महंत देवानंद महाराज का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
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अब तक की जांच में यह मामला पुलिस के लिए ब्लाइंड मर्डर बना हुआ है, क्योंकि हत्या से जुड़े कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। आरोपियों की तलाश के लिए कोटा के अलावा सवाई माधोपुर, टोंक और अन्य जिलों में चार से अधिक पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया है।


करोड़ों की संपत्ति का मालिक है मठ
कोटा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर चंद्रेसल गांव के पास स्थित यह मठ लगभग 1100 वर्ष पुराना बताया जाता है। यहां प्राचीन शिवलिंग की पूजा-अर्चना होती है। मठ के पास करीब 750 बीघा भूमि और बैंक खातों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा बताई जा रही है। इसके अलावा चंद्रेसल, रंगतालाब, दसलाना, देवली मछियान, नोटाना और रामखेड़ली सहित छह राजस्व गांवों में मठ के नाम भूमि दर्ज है।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि करोड़ों रुपये की इस संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद भी हत्या की एक वजह हो सकता है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि मठ की जमीन पर भू-माफियाओं की भी नजर थी। वहीं मठ ट्रस्ट से जुड़े एक मामले में अदालत का फैसला भी आने वाला था। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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