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प्यार, अपहरण और यातना... भिवाड़ी के मोनू की मौत ने खोली खौफनाक कहानी, 15 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 12:28 PM IST
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सार
भिवाड़ी के युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम संबंध और अपहरण केस के बीच परिजनों का आरोप है कि लड़की के परिवार वालों ने मोनू को तीन दिन तक बंधक बनाकर पीटा गया और अधमरी हालत में सड़क किनारे फेंक दिया गया।
भिवाड़ी के वॉलीबॉल खिलाड़ी की फरीदाबाद में हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के भिवाड़ी निवासी 21 वर्षीय वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू की फरीदाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में प्रेम संबंध, अपहरण का केस, कथित बंधक बनाकर मारपीट और मौत जैसी कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। फरीदाबाद पुलिस ने मामले में 3 महिलाओं समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
मोनू राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र के सैदपुर गांव का रहने वाला था। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार वह कबड्डी और वॉलीबॉल का खिलाड़ी था और स्टेट लेवल तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका था। उसने कई मेडल भी जीते थे। परिवार में वह सबसे बड़ा बेटा था, जबकि उसके दो छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं।
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परिजनों के मुताबिक करीब 8 महीने पहले मोनू की दोस्ती फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की से हुई थी। लड़की का मामा मोनू के गांव सैदपुर में रहता था, जिसके चलते दोनों की बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। हालांकि रिश्ते में दोनों भाई-बहन लगते थे, इसलिए लड़की के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिजनों ने कई बार लड़की को मोनू से दूर रहने की हिदायत भी दी थी।
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लड़की के घर छोड़ने के बाद दर्ज हुआ अपहरण केस
करीब एक महीने पहले लड़की अचानक घर छोड़कर चली गई थी। लड़की के परिवार ने इसके पीछे मोनू का हाथ बताते हुए तिगांव थाने में उसके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
मोनू के परिजनों का दावा है कि लड़की दो दिन बाद दिल्ली के लाल किला इलाके से मिल गई थी और पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने खुद लड़की को उसके परिवार तक पहुंचाया था। इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच तनाव बना रहा।
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17 मई को घर से निकला, फिर जिंदा नहीं लौटा
मोनू के चाचा नरेंद्र के अनुसार 17 मई की सुबह करीब साढ़े दस बजे मोनू बाइक लेकर घर से निकला था। उसने परिवार को बताया था कि वह तिगांव थाने में जांच में शामिल होने जा रहा है।
आरोप है कि फरीदाबाद पहुंचने के बाद लड़की के परिजनों और अन्य लोगों ने उसे रास्ते में पकड़ लिया और जबरन खेतों में बने एक मकान पर ले गए। परिजनों का आरोप है कि मोनू को तीन दिनों तक वहां बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि लाठी-डंडों से पीटने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी। हालत बिगड़ने के बाद आरोपी उसे गांव के पास सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए और बाद में खुद ही पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोनू के शरीर पर कई गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार उसके सिर और नाक की हड्डियां टूटी हुई थीं। पसलियां टूटकर फेफड़ों में घुस गई थीं और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म मिले। डॉक्टरों ने अत्यधिक मारपीट और अंदरूनी चोटों को मौत की वजह बताया है।
15 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज
फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में 3 महिलाओं समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
मोनू की मौत के बाद सैदपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार का कहना है कि वह सिर्फ पुलिस जांच में शामिल होने गया था लेकिन उसे साजिश के तहत अगवा कर मौत के घाट उतार दिया गया। यह मामला एक बार फिर रिश्तों और तथाकथित सम्मान के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।