{"_id":"6a37ebed3732fd62cb0b74a6","slug":"school-operator-associate-arrested-for-running-school-bus-with-fake-number-plate-and-registration-documents-kotputli-behror-news-c-1-1-noi1440-4419114-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: मोटरसाइकिल के नंबर पर दौड़ रही थी स्कूल बस, संचालक समेत दो गिरफ्तार; पुलिस ने की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: मोटरसाइकिल के नंबर पर दौड़ रही थी स्कूल बस, संचालक समेत दो गिरफ्तार; पुलिस ने की कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 08:37 AM IST
विज्ञापन
सार
कोटपूतली-बहरोड़ में फर्जी नंबर प्लेट और संदिग्ध पंजीकरण वाली स्कूल बस का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि बस पर लगा नंबर एक मोटरसाइकिल का था। पुलिस ने स्कूल संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कई धाराओं में कार्रवाई की गई है।
मांढण थाना कोटपूतली-बहरोड़
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के मांढण थाना क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट और संदिग्ध पंजीकरण के आधार पर संचालित की जा रही एक स्कूल बस के मामले में स्कूल संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह बस बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही थी, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
स्कूल संचालक को गिरफ्तार किया
पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश कुमार खींची और वृत्ताधिकारी बहरोड़ सचिन शर्मा के सुपरविजन में मांढण थाना पुलिस ने कार्रवाई की। मामले में प्रकरण संख्या 158/2024 के तहत वांछित स्कूल संचालक पवन कुमार और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया।
मांढण थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 15 मई 2024 को उप परिवहन कार्यालय बहरोड़ के परिवहन निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने मांढण थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 23 अप्रैल 2024 को सरकारी उड़नदस्ता टीम ने नगली बलाहीर स्थित संस्कार भारती (मेक विजन उच्च माध्यमिक विद्यालय) में बाल वाहिनी वाहनों का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
बस में इस्तेमाल किया था मोटसाइकिल का नंबर प्लेट
निरीक्षण के दौरान एक स्कूल बस पर UP-53 AB-3035 नंबर प्लेट लगी मिली। जांच में पता चला कि यह नंबर किसी बस का नहीं, बल्कि एक मोटरसाइकिल के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद बस के चेसिस नंबर की जांच की गई, लेकिन उससे भी कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला। प्रथम दृष्टया वाहन फर्जी नंबर प्लेट और संदिग्ध पहचान के आधार पर संचालित पाया गया।
ये भी पढ़ें- Rajasthan News: कोटा की गूंज अब जिलों तक, युवाओं के सहारे नई सियासी जमीन तलाश रही कांग्रेस
संचालक से कई बार वाहन के वैध दस्तावेज मांगे गए
उड़नदस्ता टीम ने बस को जब्त कर शाहजहांपुर स्थित यार्ड में खड़ा करवा दिया। जांच के दौरान विद्यालय संचालक से कई बार वाहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। परिवहन विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उनका पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन को कितने समय से इस तरह संचालित किया जा रहा था तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।
स्कूल संचालक को गिरफ्तार किया
पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश कुमार खींची और वृत्ताधिकारी बहरोड़ सचिन शर्मा के सुपरविजन में मांढण थाना पुलिस ने कार्रवाई की। मामले में प्रकरण संख्या 158/2024 के तहत वांछित स्कूल संचालक पवन कुमार और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मांढण थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 15 मई 2024 को उप परिवहन कार्यालय बहरोड़ के परिवहन निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने मांढण थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 23 अप्रैल 2024 को सरकारी उड़नदस्ता टीम ने नगली बलाहीर स्थित संस्कार भारती (मेक विजन उच्च माध्यमिक विद्यालय) में बाल वाहिनी वाहनों का निरीक्षण किया था।
बस में इस्तेमाल किया था मोटसाइकिल का नंबर प्लेट
निरीक्षण के दौरान एक स्कूल बस पर UP-53 AB-3035 नंबर प्लेट लगी मिली। जांच में पता चला कि यह नंबर किसी बस का नहीं, बल्कि एक मोटरसाइकिल के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद बस के चेसिस नंबर की जांच की गई, लेकिन उससे भी कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला। प्रथम दृष्टया वाहन फर्जी नंबर प्लेट और संदिग्ध पहचान के आधार पर संचालित पाया गया।
ये भी पढ़ें- Rajasthan News: कोटा की गूंज अब जिलों तक, युवाओं के सहारे नई सियासी जमीन तलाश रही कांग्रेस
संचालक से कई बार वाहन के वैध दस्तावेज मांगे गए
उड़नदस्ता टीम ने बस को जब्त कर शाहजहांपुर स्थित यार्ड में खड़ा करवा दिया। जांच के दौरान विद्यालय संचालक से कई बार वाहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। परिवहन विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उनका पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन को कितने समय से इस तरह संचालित किया जा रहा था तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।