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Kotputli-Behror: करंट लगने से कर्मचारी की मौत, परिजनों ने 20 घंटे तक धरना दिया, समझौते के बाद हुआ पोस्टमार्टम
Sat, 18 Jul 2026 09:03 AM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
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Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 09:03 AM IST
सार
करंट लगने से कर्मचारी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन करीब 20 घंटे बाद समाप्त हुआ। कंपनी की ओर से आर्थिक सहायता और लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी।
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करंट लगने से युवक की मौत, परिजनों ने दिया धरना
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विस्तार
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से एक कर्मचारी की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हादसे से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने राजकीय बीडीएम अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब 20 घंटे तक चले गतिरोध के बाद आखिर कंपनी प्रबंधन, प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
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हादसे के तुरंत बाद मृतक के परिजन और मोहल्ले के लोग अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजा और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। इस दौरान शव करीब 20 घंटे तक अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा और परिजन लगातार धरने पर डटे रहे।
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मामले को सुलझाने के लिए पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने कई दौर की वार्ता की लेकिन शुरुआती प्रयास बेनतीजा रहे। बाद में पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी अधिकारियों से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। सुबह होते-होते परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अस्पताल से उठकर सीधे कंपनी के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
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लगातार चली बातचीत और प्रशासन की मध्यस्थता के बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों ने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के भरण-पोषण के संबंध में लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने अपना धरना समाप्त करने और पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई, जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
थानाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के साथ लगातार संवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिससे मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया। वहीं प्रेम मोटर्स प्रबंधन के प्रतिनिधि विकास कुमार ने कहा कि कंपनी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आवश्यक सहयोग और लिखित आश्वासन दिया है। करीब 20 घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद इलाके में स्थिति सामान्य हो गई है। पुलिस पूरे मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है, जबकि यह घटना कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।