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Rajasthan: तेज रफ्तार ट्रॉले ने ली चाचा-भतीजी की जान, नाराज ग्रामीणों सड़क जाम की, एम्बुलेंस के शीशे तोड़े
Tue, 23 Jun 2026 03:13 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 03:13 PM IST
सार
कोटपूतली के गोपालपुरा बायपास पर तेज रफ्तार ट्रोले ने बाइक सवार युवक और मासूम बच्चे को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और एम्बुलेंस के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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गोपालपुरा बायपास पर सड़क हादसे के बाद जुटी भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोटपूतली के पनियाला-नारेहड़ा गोपालपुरा बाईपास पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चाचा और उनकी मासूम भतीजी की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार बनार निवासी महेंद्र यादव (40) अपनी पांच वर्षीय भतीजी सजिता को बाइक पर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान गोपालपुरा बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रॉले ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और ट्रॉले के अगले हिस्से में फंस गए। दुर्घटना के बाद ट्रॉला चालक वाहन लेकर फरार हो गया लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर ट्रॉले को आगे जाकर रुकवा लिया हालांकि चालक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।
हादसे की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस और एम्बुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब दो घंटे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
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ये भी पढ़ें- राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियां: RPSC-RBSE से कवायद शुरू; अब बोर्ड-आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों की बारी?
आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और सड़क पर धरना देकर बैठ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हंगामे के दौरान शवों को अस्पताल ले जाने पहुंची एम्बुलेंस पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने एम्बुलेंस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों शव करीब चार घंटे तक सड़क पर पड़े रहे।
बढ़ते तनाव को देखते हुए पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व प्रशासन के बीच बातचीत कर माहौल शांत कराया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों शवों को राजकीय बीडीएम अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। मौके पर एसडीएम योगेश देवल, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों का पुलिस बल भी तैनात किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गोपालपुरा बाईपास पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने बाईपास पर स्थायी बैरिकेड्स, स्पीड ब्रेकर, ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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जानकारी के अनुसार बनार निवासी महेंद्र यादव (40) अपनी पांच वर्षीय भतीजी सजिता को बाइक पर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान गोपालपुरा बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रॉले ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और ट्रॉले के अगले हिस्से में फंस गए। दुर्घटना के बाद ट्रॉला चालक वाहन लेकर फरार हो गया लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर ट्रॉले को आगे जाकर रुकवा लिया हालांकि चालक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।
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हादसे की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस और एम्बुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब दो घंटे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और सड़क पर धरना देकर बैठ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हंगामे के दौरान शवों को अस्पताल ले जाने पहुंची एम्बुलेंस पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने एम्बुलेंस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों शव करीब चार घंटे तक सड़क पर पड़े रहे।
बढ़ते तनाव को देखते हुए पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व प्रशासन के बीच बातचीत कर माहौल शांत कराया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों शवों को राजकीय बीडीएम अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। मौके पर एसडीएम योगेश देवल, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों का पुलिस बल भी तैनात किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गोपालपुरा बाईपास पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने बाईपास पर स्थायी बैरिकेड्स, स्पीड ब्रेकर, ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।