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23 जून को माहेश्वरी समाज के इतिहास पर बनी फिल्म 'माहेश्वरी वंशोदय' होगी रिलीज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 07:24 AM IST
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सार
माहेश्वरी समाज के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित 20 मिनट की एआई निर्मित शोधपरक फिल्म 'माहेश्वरी वंशोदय' 23 जून को रिलीज होगी। फिल्म में समाज की उत्पत्ति, 72 मूल खापों और ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
माहेश्वरी वंशोदय फिल्म
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
माहेश्वरी समाज के इतिहास, उत्पत्ति और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर समाजसेवी एवं शोधकर्ता चंद्रमोहन शारदा द्वारा निर्मित 20 मिनट की शोधपरक फिल्म 'माहेश्वरी वंशोदय' को सामाजिक और सांस्कृतिक हलकों में सराहा जा रहा है। एआई तकनीक से निर्मित इस व्यावसायिक फिल्म में गतिविधि माहेश्वरी समाज की महाभारत कालीन उत्पत्ति, भगवान शिव से जुड़ी मान्यताएं, खंडेला एवं लोहर्गल जैसे ऐतिहासिक स्थलों तथा 72 मूल खापों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। यह फिल्म 23 जून को रिलीज होगी।
फिल्म के लिए ऐतिहासिक संदभों का गहन अध्ययन हुआ
फिल्म को प्रमाणिक स्वरूप देने के लिए प्राचीन ग्रंथों, जागाओं की बहियों, लोक मान्यताओं और समाज में प्रचलित ऐतिहासिक संदभों का गहन अध्ययन किया गया है। आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य के समन्वय से तैयार किए गए दृश्य दर्शकों को इतिहास से जुड़ाव का अनुभव कराते हैं। समाजसेवी एवं भामाशाह निर्मल मूंदड़ा ने बताया कि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और इतिहास से दूर होती जा रही है। ऐसे में यह फिल्म युवाओं को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है। फिल्म का प्रसारण समाज के भामाशाह ज्योति कुमार माहेश्वरी द्वारा महेश नवमी से पूर्व किया जाएगा। साथ ही 23 जून को महेश नवमी एवं जाति उत्पत्ति दिवस पर पूजा-अर्चना से पहले समाज के प्रत्येक परिवार से फिल्म का प्रदर्शन कर नई पीढ़ी को माहेश्वरी समाज के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का आह्वान किया गया है।
फिल्म के लिए ऐतिहासिक संदभों का गहन अध्ययन हुआ
फिल्म को प्रमाणिक स्वरूप देने के लिए प्राचीन ग्रंथों, जागाओं की बहियों, लोक मान्यताओं और समाज में प्रचलित ऐतिहासिक संदभों का गहन अध्ययन किया गया है। आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य के समन्वय से तैयार किए गए दृश्य दर्शकों को इतिहास से जुड़ाव का अनुभव कराते हैं। समाजसेवी एवं भामाशाह निर्मल मूंदड़ा ने बताया कि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और इतिहास से दूर होती जा रही है। ऐसे में यह फिल्म युवाओं को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है। फिल्म का प्रसारण समाज के भामाशाह ज्योति कुमार माहेश्वरी द्वारा महेश नवमी से पूर्व किया जाएगा। साथ ही 23 जून को महेश नवमी एवं जाति उत्पत्ति दिवस पर पूजा-अर्चना से पहले समाज के प्रत्येक परिवार से फिल्म का प्रदर्शन कर नई पीढ़ी को माहेश्वरी समाज के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का आह्वान किया गया है।
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