{"_id":"68dac2b463c7dbed4f078851","slug":"farewell-posters-at-vvip-event-blackened-community-members-demand-arrest-nagaur-news-c-1-1-noi1346-3464288-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan : भाजपा MLA के पोस्टर पर कालिख पोतने से सियासी पारा गर्म, मेघवाल समाज में गुस्सा; एक्शन की उठी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan : भाजपा MLA के पोस्टर पर कालिख पोतने से सियासी पारा गर्म, मेघवाल समाज में गुस्सा; एक्शन की उठी मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 09:58 AM IST
विज्ञापन
सार
Nagaur News : नागौर जिले के मेड़ता में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे से पहले भाजपा विधायक लक्ष्मण राम मेघवाल के पोस्टर पर कालिख पोतने की घटना ने पूरे क्षेत्र में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इस कृत्य से दलित समाज में गहरा आक्रोश फैल गया और प्रशासन को तत्काल ज्ञापन सौंपा गया।
भाजपा विधायक लक्ष्मण राम मेघवाल के पोस्टर पर कालिख पोतने को लेकर सौंपा गया ज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
नागौर जिले के मेड़ता क्षेत्र में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। दलित समाज से आने वाले भाजपा विधायक लक्ष्मण राम मेघवाल उर्फ़ कलेरू के पोस्टर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने कालिख पोत दी। यह घटना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर लगे होर्डिंग पर हुई। घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे क्षेत्र और मेघवाल समाज में आक्रोश फैल गया।
दरअसल, मेड़ता में मुख्यमंत्री का दौरा तीसरी बार अचानक रद्द कर दिया गया। बताया जाता है कि सीएम के आगमन से मात्र एक घंटे पहले ही कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद हेलीपैड के सामने लगाए गए स्वागत होर्डिंग पर विधायक कलेरू की तस्वीर पर कालिख पोत दी गई। सोमवार सुबह जब यह दृश्य सामने आया तो लोगों में रोष फैल गया। वायरल फोटो में विधायक की मुस्कुराती तस्वीर पर कालिख के धब्बे साफ दिख रहे थे, जिसे समाज ने व्यक्तिगत अपमान और सामूहिक अपमान दोनों माना।
ज्ञापन और विरोध
नागौर में मेघवाल विकास समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। समिति के अध्यक्ष मूलचंद पवार ने कहा कि यह कालिख विधायक के चेहरे पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की शांति और सौहार्द पर पोती गई है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और साजिश के आरोप
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि हाल ही में बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन के पोस्टर पर भी इसी तरह की हरकत की गई थी। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस घटना की निंदा की है, जबकि भाजपा इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ षड्यंत्र करार दे रही है। कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि विधायक कलेरू सिर्फ़ राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के प्रतीक भी हैं। इस घटना से समाज में गहरा आक्रोश है और 36 कौमों के प्रतिनिधियों ने भी एकजुट होकर विरोध जताया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अज्ञात आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है।
विधायक का बयान
विधायक लक्ष्मण राम मेघवाल ने कहा कि मैं मिट्टी का वृक्ष हूं, जिसे नदियों ने सींचा है। ऐसी छोटी बातें मुझे विचलित नहीं कर सकतीं। कानून अपना काम करेगा और समाज मेरे साथ खड़ा है। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि मेड़ता में मुख्यमंत्री के दौरे के लगातार रद्द होने और भाजपा के अंदरूनी मतभेदों के चलते यह विवाद पैदा हुआ है। स्थानीय स्तर पर भी कई कार्यकर्ता विधायक कलेरू से असंतुष्ट बताए जाते हैं।
इस घटना के सियासी मायने
यह घटना राजस्थान की राजनीति में बढ़ती असहिष्णुता और अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करती है। साथ ही यह सामाजिक सौहार्द पर चोट पहुंचाने वाली शर्मनाक हरकत मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ये भी पढ़ें- Jaipur News: सीकर के बाद अब जयपुर में भी कफ सिरप से बच्चों की तबियत बिगड़ी, ड्रग कंट्रोलर ने सप्लाई रोकी
Trending Videos
दरअसल, मेड़ता में मुख्यमंत्री का दौरा तीसरी बार अचानक रद्द कर दिया गया। बताया जाता है कि सीएम के आगमन से मात्र एक घंटे पहले ही कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद हेलीपैड के सामने लगाए गए स्वागत होर्डिंग पर विधायक कलेरू की तस्वीर पर कालिख पोत दी गई। सोमवार सुबह जब यह दृश्य सामने आया तो लोगों में रोष फैल गया। वायरल फोटो में विधायक की मुस्कुराती तस्वीर पर कालिख के धब्बे साफ दिख रहे थे, जिसे समाज ने व्यक्तिगत अपमान और सामूहिक अपमान दोनों माना।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन और विरोध
नागौर में मेघवाल विकास समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। समिति के अध्यक्ष मूलचंद पवार ने कहा कि यह कालिख विधायक के चेहरे पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की शांति और सौहार्द पर पोती गई है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और साजिश के आरोप
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि हाल ही में बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन के पोस्टर पर भी इसी तरह की हरकत की गई थी। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस घटना की निंदा की है, जबकि भाजपा इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ षड्यंत्र करार दे रही है। कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि विधायक कलेरू सिर्फ़ राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के प्रतीक भी हैं। इस घटना से समाज में गहरा आक्रोश है और 36 कौमों के प्रतिनिधियों ने भी एकजुट होकर विरोध जताया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अज्ञात आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है।
विधायक का बयान
विधायक लक्ष्मण राम मेघवाल ने कहा कि मैं मिट्टी का वृक्ष हूं, जिसे नदियों ने सींचा है। ऐसी छोटी बातें मुझे विचलित नहीं कर सकतीं। कानून अपना काम करेगा और समाज मेरे साथ खड़ा है। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि मेड़ता में मुख्यमंत्री के दौरे के लगातार रद्द होने और भाजपा के अंदरूनी मतभेदों के चलते यह विवाद पैदा हुआ है। स्थानीय स्तर पर भी कई कार्यकर्ता विधायक कलेरू से असंतुष्ट बताए जाते हैं।
इस घटना के सियासी मायने
यह घटना राजस्थान की राजनीति में बढ़ती असहिष्णुता और अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करती है। साथ ही यह सामाजिक सौहार्द पर चोट पहुंचाने वाली शर्मनाक हरकत मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ये भी पढ़ें- Jaipur News: सीकर के बाद अब जयपुर में भी कफ सिरप से बच्चों की तबियत बिगड़ी, ड्रग कंट्रोलर ने सप्लाई रोकी