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Weather Update: नागौर में कड़ाके की ठंड, मावठ और घने कोहरे के साथ 2026 का हुआ आगाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 07:20 PM IST
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सार
Nagaur Weather: नागौर में नए साल 2026 की शुरुआत घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और हल्की मावठ के साथ हुई। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिरा। कोहरे से जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा, जबकि मावठ रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है।
नागौर में कड़ाके की ठंड से नए साल का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नए साल 2026 की शुरुआत राजस्थान के नागौर सहित पूरे प्रदेश में तीखी सर्दी, घने कोहरे और हल्की मावठ (सर्दियों की बूंदाबांदी) के साथ हुई। मौसम विभाग की चेतावनी सटीक साबित हुई, जब 31 दिसंबर की रात से ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आया। प्रदेश के कई जिलों में कहीं भारी तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि नववर्ष के पहले दिन घना कोहरा और कड़ाके की ठंड ने लोगों का स्वागत किया। नागौर में रात का तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे ठिठुरन बढ़ गई।
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मौसम विभाग जयपुर केंद्र ने पहले ही 31 दिसंबर से नागौर सहित बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में हल्की मावठ, घने कोहरे और तीव्र सर्दी की चेतावनी जारी की थी। इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान के जिलों जैसे नागौर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ आदि में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई। येलो अलर्ट जारी जिलों में नागौर भी शामिल था, जहां हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी।
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मौसम का विस्तृत हाल
प्रदेशभर में ठंड का प्रकोप बढ़ा। नागौर में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। घना कोहरा छाने से दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
आज का दिन
पूरे दिन बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं। दिन का अधिकतम तापमान पहले 25 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन बादलों की वजह से धूप नहीं निकली और तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 घंटों में बादलों की आवाजाही जारी रहने से दिन के तापमान में और गिरावट आएगी।
कोहरे का असर
पश्चिमी राजस्थान में 1 से 3 जनवरी तक घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी है। नागौर में सुबह और शाम को दृश्यता शून्य के करीब रही, जिससे सड़क मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा।
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लोगों पर प्रभाव
कड़ाके की ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए, जबकि बाजारों में भीड़ कम रही। किसानों के लिए यह मावठ रबी फसलों (गेहूं, जौ, चना आदि) के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि सर्दियों की यह हल्की बारिश फसलों को मजबूती देती है। हालांकि, कुछ इलाकों में ओले पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
वहीं, बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि ठंडी हवाओं और कोहरे से सांस की बीमारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए मास्क और गर्म कपड़े पहनें।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर 2-3 जनवरी तक रहेगा, जिससे कुछ जिलों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है, लेकिन ठंड और बढ़ेगी। 5-6 जनवरी तक कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बन सकती है, जहां तापमान और गिर सकता है। नए साल का आगाज भले ही ठंड के साथ हुआ हो, लेकिन यह मौसम राजस्थान की सर्दियों की खासियत है। लोग गर्म कपड़ों और अलाव के साथ उत्साह से 2026 का स्वागत कर रहे हैं।