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Nagaur News: टोल नाके पर गुजारी रात, यहीं बैठकर खाना भी खाया, मकराना और परबतसर विधायक धरने पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 02:36 PM IST
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सार
20 किमी के दायरे में आने वाले गांवों के वाहनों को टोल मुक्त किए जाने की मांग को लेकर मकराना और परबतसर विधायक सोमवार को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। दोनों जनप्रतिनिधियों ने रात भी टोल नाके पर ही गुजारी।
धरने पर बैठे विधायक
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विस्तार
जिले के मकराना-मंगलाना सड़क मार्ग पर स्थित टोल नाके को लेकर विवाद तेज हो गया है। 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग को लेकर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया सोमवार को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। दोनों जनप्रतिनिधियों ने रात भी टोल नाके पर ही गुजारी और सुबह की चाय भी धरना स्थल पर ही पी।
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धरना सोमवार दोपहर 12 बजे मकराना विधायक की अगुवाई में शुरू हुआ, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुटे। दोपहर 3 बजे के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर टोल पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इस दौरान टोल नाके से होकर निकलने वाले कई वाहन दूसरे रास्तों से होकर निकले।
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स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टोल नाके से कुछ गांवों की दूरी महज 2 से 5 किलोमीटर है लेकिन फिर भी इन गांवों से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों से टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों को टोल से मुक्त किया जाए।
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धरना देर रात तक जारी रहा। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर कुचामन राकेश गुप्ता धरनास्थल पर पहुंचे और जनप्रतिनिधियों से वार्ता की। हालांकि मकराना उपखंड कार्यालय में हुई बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी गई।
धरने को नागौर सांसद और रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि 20 किमी के भीतर बसे गांवों से टोल वसूली गलत है और इस मुद्दे को डीडवाना-कुचामन जिला दिशा समिति की बैठक में भी उठाया गया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब मंगलवार को डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें इस विवाद के समाधान पर चर्चा होने की उम्मीद है।