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Rajasthan: राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार हरकत में, रेट को मिले दो नए सदस्य; चेतावनी रंग लाई

Tue, 11 Aug 2026 05:53 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 11 Aug 2026 05:53 PM IST
सार

राजस्थान उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) में दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी। सरकार ने अदालत को बताया कि अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

 

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Rajasthan: Government swings into action following Rajasthan High Court's directive; REET gets two new members
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) में दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। सरकार ने अदालत में नियुक्ति आदेश पेश करते हुए बताया कि सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी अतर सिंह नेहरा और वीरेंद्र सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि अधिकरण के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही अध्यक्ष की भी नियुक्ति कर दी जाएगी।

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15 सितंबर तक टली सुनवाई
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी। पिछली सुनवाई में उच्च न्यायालय ने सरकार को सात दिन के भीतर रेट के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने का निर्देश दिया था। अदालत ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने पर डीओपी सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
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चार महीने से खाली था अध्यक्ष का पद
वकील दिलीप सिंह कुरका, संदीप कलवानिया और अन्य अधिवक्ताओं ने जनहित याचिका दायर कर रेट में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों के कारण सुनवाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि सरकार ट्रिब्यूनल नहीं चला सकती तो उसे बंद कर देना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर तबादलों के बाद कर्मचारी अपनी शिकायतें लेकर कहां जाएंगे।

गौरतलब है कि 19 मार्च को तत्कालीन अध्यक्ष विकास सीताराम भले के तबादले के बाद से अध्यक्ष का पद करीब चार महीने से खाली था। इसके अलावा सदस्यों के चार पदों में से दो लंबे समय से रिक्त थे। फिलहाल एक पद पर पूर्व आईएएस अधिकारी प्रकाश शर्मा को अध्यक्ष का प्रभार दिया गया है, जबकि न्यायिक सदस्य पूनम दरगन बीमारी के कारण नियमित रूप से कार्य नहीं कर पा रही हैं।

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