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राजस्थान: फर्जी वेब सीरीज देखकर सीखा जाली नोट छापना, 1300 किमी पीछा कर लुधियाना स्टेशन से पकड़ा मास्टरमाइंड

Fri, 23 Oct 2026 05:45 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Fri, 23 Oct 2026 05:45 PM IST
सार

डूंगरपुर पुलिस ने जाली नोट छापने के मामले में मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को 1300 किलोमीटर पीछा कर लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को पकड़ा है। प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और नकली नोट बरामद किए हैं।

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Rajasthan Mastermind learned to print counterfeit currency by watching a web series caught at Ludhiana station
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में जाली भारतीय मुद्रा बरामदगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। इस मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जाली नोट बनाने का तरीका सीखने के लिए ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी थी।

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पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को रामसागड़ा थाना क्षेत्र के माड़ा स्कूल के मैदान से दो युवकों भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से 4 लाख 95 हजार 500 रुपये की जाली भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी।

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पूछताछ में नयन ने बताया कि इंस्टाग्राम के जरिए उसका संपर्क उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी रवि कुमार मिश्रा से हुआ था। रवि ने कूरियर के माध्यम से नकली नोट डूंगरपुर भेजे थे। इसके बाद नयन और भावेश ने रवि को डूंगरपुर बुलाया और शहर की वसुंधरा विहार कॉलोनी में उसके लिए किराए पर मकान दिलाया। पुलिस के अनुसार, यहां तीनों ने मिलकर करीब पांच लाख रुपये की जाली मुद्रा तैयार की थी। हालांकि, पहली ही कोशिश के दौरान नयन और भावेश पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

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डूंगरपुर से भागा, 1300 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा
भावेश और नयन की गिरफ्तारी के बाद रवि मिश्रा डूंगरपुर से फरार हो गया और उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। पुलिस तकनीकी अनुसंधान के जरिए उसकी तलाश करती रही। जांच के दौरान उसकी लोकेशन पंजाब के लुधियाना में मिली। इसके बाद डूंगरपुर पुलिस की टीम वहां पहुंची और करीब 1300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वह वहां से प्रयागराज भागने की फिराक में था।

पढे़ं: 'अरुणाचल में भारत-चीन सैनिकों के बीच तनाव बरकरार': आईटीबीपी के डीजी ने बताई स्थिति, और क्या-क्या कहा?

दो साल से बना रहा था जाली नोट
पुलिस पूछताछ में रवि ने बताया कि वह पिछले दो साल से जाली नोट बनाने का काम कर रहा था। इसके लिए उसने दिल्ली के पेपर मार्केट से कागज खरीदा था। वह पीएसडी फाइल, प्रिंटर, विशेष स्याही और वाटरमार्क की मदद से जाली  नोट तैयार करता था। उसने इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर उपलब्ध पेज और चैनलों के जरिए जाली नोटों में खामियां दूर करने की जानकारी भी जुटाई थी।

अपने ही गुरु को दिया धोखा
पुलिस जांच में सामने आया कि रवि की मुलाकात हरियाणा के अंबाला कैंट निवासी आनंद उर्फ पुष्कर कोली से इंस्टाग्राम पर हुई थी। आनंद भी वर्ष 2023-24 से ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखने के बाद जाली नोट बनाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

इसके बाद रवि और आनंद ने जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने चीनी कंपनी अलीबाबा के माध्यम से भी नकली नोटों से संबंधित सामग्री हासिल की। आनंद के दोबारा प्रयास में असफल रहने पर उसने मंगवाए गए कागज रवि को दे दिए। पुलिस के अनुसार, रवि ने उन कागजों से जाली नोट तैयार कर आनंद को भेजे। ये नोट बाजार में चल गए और इस संबंध में कोई शिकायत सामने नहीं आई। बाद में आनंद ने रवि से अपने दिए गए कागजों से और जाली नोट बनाने को कहा। रवि ने पार्सल भेजने की बात कही, लेकिन जब आनंद को पैकेट मिला तो उसमें जाली नोटों के बजाय केवल गत्ते थे।



टेलीग्राम चैनलों से जुटाते थे जानकारी
पुलिस ने रवि के मोबाइल फोन की जांच की तो टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ नाम का एक चैनल सामने आया। इसमें आरिफ मोहम्मद की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने कानपुर से आरिफ मोहम्मद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसने जाली नोट बनाने के लिए कागज उपलब्ध कराने वाला समूह तैयार करने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान पुलिस को टेलीग्राम पर ‘यूनीक बॉय’ नाम की एक अन्य आईडी का भी पता चला। इसे छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी तरुण मालेकर चला रहा था। आरोप है कि तरुण ने रवि को 500 रुपये के नोटों की पीएसडी फाइलें भेजी थीं।

प्रिंटर, लैपटॉप और जाली नोट बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, नोट छापने की मशीन, प्रिंटर, 500 रुपये के जाली नोट, लेमिनेशन मशीन, लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन और नोट छापने के बाद बची रद्दी बरामद की है। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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