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राजस्थान में पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: 400 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार; 150 किए गए बर्खास्त
Mon, 19 Oct 2026 06:08 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 19 Oct 2026 06:08 PM IST
सार
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में एसओजी ने 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। जांच और एसओजी की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार अब तक 150 कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है।
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले गिरोहों और लिप्त कर्मियों पर शिकंजा कसते हुए विशेष अभियान दल (एसओजी) ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
इन मामलों में एसओजी की जांच और सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने अब तक 150 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त भी कर दिया है। बर्खास्त होने वाले कर्मचारियों में सर्वाधिक संख्या शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों की है। एसओजी की टीम विभिन्न विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाकर अन्य दागी कर्मचारियों की पहचान करने और उन्हें नौकरी से हटाने की कार्रवाई में जुटी है।
दागी कर्मचारियों पर विशेष प्रकोष्ठ की नजर
विशेष अभियान दल के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार एसओजी ने अब तक 11 भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक की शिकायतों की जांच की है। इन भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की सीधी भूमिका उजागर हुई थी। एसओजी ने इन सभी के विरुद्ध पुख्ता सबूत एकत्र कर उन्हें जेल भेजा है।
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आरोपी कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त करवाने के उद्देश्य से एसओजी में एक समर्पित विशेष प्रकोष्ठ काम कर रहा है। यह प्रकोष्ठ उन सभी सरकारी विभागों से लगातार समन्वय बनाकर पत्राचार कर रहा है, जिनमें गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपी कर्मचारी कार्यरत थे। इसी समन्वय के परिणामस्वरूप अब तक 150 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी संभव हो सकी है। एसओजी बचे हुए अन्य दागी सरकारी कर्मचारियों को भी सेवा से बर्खास्त कराने की कवायद लगातार जारी रखे हुए है। इसके साथ ही एसओजी की राडार पर चल रही इन 11 भर्तियों में और कौन-कौन से आरोपी शामिल हैं तथा उनमें कितने सरकारी कर्मचारी हैं, इसे लेकर अनुसंधान जारी है।
दो नई भर्ती परीक्षाएं भी जांच के दायरे में
एसओजी ने पूर्व में जांच के दायरे में ली गई 11 प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा अब दो और भर्ती परीक्षाओं को अपनी तफ्तीश में शामिल किया है। इन दोनों नई भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर धांधली तथा पेपर लीक से संबंधित शिकायतें एसओजी को प्राप्त हुई थीं।
एसओजी ने परीक्षा करने वाली एजेंसियों से इन दोनों भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज मांग लिए हैं। जांच अधिकारी इन दस्तावेज का गहनता से अनुसंधान कर रहे हैं। एसओजी अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन दोनों भर्ती परीक्षाओं में जांच के दौरान जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
इन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की हो रही जांच
विशेष अभियान दल वर्तमान में जिन 11 प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की जांच कर रहा है, उनमें उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती-2021, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 और स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती और शारीरिक शिक्षक भर्ती सहित अन्य भर्तियों की भी गहन जांच चल रही है।
ये भी पढ़ें- पैरा एशियन गेम्स: राजस्थान की मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड, अवनी लेखरा ने लाया सिल्वर; रचा इतिहास
जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों और बीपीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरियां हासिल करने के मामले भी सामने आए हैं। एसओजी ऐसी फर्जी योग्याताओं और सांठगांठ के बल पर सरकारी नौकरी पाने वाले आरोपियों तथा उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाए हुए है। एसओजी की टीम फर्जीवाड़े में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
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इन मामलों में एसओजी की जांच और सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने अब तक 150 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त भी कर दिया है। बर्खास्त होने वाले कर्मचारियों में सर्वाधिक संख्या शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों की है। एसओजी की टीम विभिन्न विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाकर अन्य दागी कर्मचारियों की पहचान करने और उन्हें नौकरी से हटाने की कार्रवाई में जुटी है।
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दागी कर्मचारियों पर विशेष प्रकोष्ठ की नजर
विशेष अभियान दल के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार एसओजी ने अब तक 11 भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक की शिकायतों की जांच की है। इन भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की सीधी भूमिका उजागर हुई थी। एसओजी ने इन सभी के विरुद्ध पुख्ता सबूत एकत्र कर उन्हें जेल भेजा है।
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आरोपी कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त करवाने के उद्देश्य से एसओजी में एक समर्पित विशेष प्रकोष्ठ काम कर रहा है। यह प्रकोष्ठ उन सभी सरकारी विभागों से लगातार समन्वय बनाकर पत्राचार कर रहा है, जिनमें गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपी कर्मचारी कार्यरत थे। इसी समन्वय के परिणामस्वरूप अब तक 150 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी संभव हो सकी है। एसओजी बचे हुए अन्य दागी सरकारी कर्मचारियों को भी सेवा से बर्खास्त कराने की कवायद लगातार जारी रखे हुए है। इसके साथ ही एसओजी की राडार पर चल रही इन 11 भर्तियों में और कौन-कौन से आरोपी शामिल हैं तथा उनमें कितने सरकारी कर्मचारी हैं, इसे लेकर अनुसंधान जारी है।
दो नई भर्ती परीक्षाएं भी जांच के दायरे में
एसओजी ने पूर्व में जांच के दायरे में ली गई 11 प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा अब दो और भर्ती परीक्षाओं को अपनी तफ्तीश में शामिल किया है। इन दोनों नई भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर धांधली तथा पेपर लीक से संबंधित शिकायतें एसओजी को प्राप्त हुई थीं।
एसओजी ने परीक्षा करने वाली एजेंसियों से इन दोनों भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज मांग लिए हैं। जांच अधिकारी इन दस्तावेज का गहनता से अनुसंधान कर रहे हैं। एसओजी अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन दोनों भर्ती परीक्षाओं में जांच के दौरान जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
इन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की हो रही जांच
विशेष अभियान दल वर्तमान में जिन 11 प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की जांच कर रहा है, उनमें उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती-2021, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 और स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती और शारीरिक शिक्षक भर्ती सहित अन्य भर्तियों की भी गहन जांच चल रही है।
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जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों और बीपीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरियां हासिल करने के मामले भी सामने आए हैं। एसओजी ऐसी फर्जी योग्याताओं और सांठगांठ के बल पर सरकारी नौकरी पाने वाले आरोपियों तथा उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाए हुए है। एसओजी की टीम फर्जीवाड़े में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है।