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पेपर लीक: अभ्यर्थियों से वसूली रकम, परीक्षा से पहले पढ़ाया पेपर; आरपीएससी लीक केस में एक और आरोपी गिरफ्तार

Wed, 14 Oct 2026 04:26 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी Updated Wed, 14 Oct 2026 04:26 PM IST
सार

राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अभ्यर्थियों से अवैध राशि लेकर परीक्षा से पहले सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और हल करवाने का आरोप है।

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RPSC पेपर लीक गिरोह पर एसओजी का शिकंजा। फाइल फोटो

विस्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) अजमेर की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में विशेष अपराध जांच दल (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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पकड़ा गया आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ जयपुर जिले के रेनवाल स्थित पापड़िया की ढाणी डूंगरीकलां का निवासी है। आरोपी विनोद रेवाड़ ने अभ्यर्थियों से अवैध राशि वसूलकर परीक्षा होने से पहले ही सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था और उसे हल भी करवाया था।
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इस चर्चित पेपर लीक मामले में पुलिस एवं जांच एजेंसियां अब तक कुल 70 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा, मुख्य आरोपी अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह, भूपेंद्र सारण और सुरेश कुमार सऊ सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं।
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तीन अलग-अलग स्थानों पर हल करवाया प्रश्नपत्र
पेपर लीक गिरोह के सदस्यों ने अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर 24 दिसंबर, 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा का सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का पहला प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिया था। इस प्रकरण में आरोपी अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा ने लीक प्रश्नपत्र की एक प्रति अरुण शर्मा उर्फ राजेंद्र शर्मा को उपलब्ध कराई थी। आरोपी अरुण शर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह ने अभ्यर्थियों को तीन अलग-अलग स्थानों पर एकत्र करके प्रश्नपत्र पढ़ाया था।

अभ्यर्थियों से वसूले कुल 57 लाख रुपये
आरोपियों पर अभ्यर्थियों से तीन अलग-अलग ठिकानों पर कुल 57 लाख रुपये अवैध रूप से वसूलने का आरोप है। जांच के अनुसार आरोपियों ने रेवासा रानोली स्थित मिल्खा डिफेंस अकादमी में 13 अभ्यर्थियों से 25 लाख रुपये वसूले थे। इसके अलावा जयपुर के बेनाड़ स्थित पूर्ण विहार कॉलोनी के एक किराये के मकान में नौ अभ्यर्थियों को रखकर उनसे 18 लाख रुपये लिए गए। वहीं हाथोज बस स्टैंड के पास कालवाड़ रोड स्थित एक कंप्यूटर संस्थान में सात अभ्यर्थियों से 14 लाख रुपये की वसूली की गई थी।


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बस में नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए थे अभ्यर्थी
मामले का खुलासा करते हुए अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने बताया कि 23 दिसंबर 2022 की देर रात उदयपुर जिले के बेकरिया थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बस से मूल अभ्यर्थियों तथा डमी परीक्षार्थियों को पकड़ा था। तलाशी लेने पर परीक्षार्थियों के पास से वरिष्ठ अध्यापक माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रतियोगी परीक्षा-2022 के सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय के हल किए हुए प्रश्नपत्र बरामद हुए थे।
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