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Rajasthan News: रणथंभौर में पहुंचा कूनो का चीता; जोन-9 में बढ़ी हलचल, संघर्ष की आशंका पर वन विभाग अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:59 PM IST
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सार
Rajasthan News: कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KP2 अब रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन-9 में पहुंच गया है। इस क्षेत्र में बाघ-बाघिन और तेंदुओं की मौजूदगी के कारण वन विभाग अलर्ट मोड पर है और चीते की 24 घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी खतरे से उसे सुरक्षित रखा जा सके।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर 9 पहुंचा चीता
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता KP2 आखिरकार राजस्थान के रणथंभौर के जोन नंबर 9 में पहुंच गया है। फिलहाल, चीते की गतिविधियां इसी क्षेत्र में दर्ज की जा रही हैं। वन विभाग की टीमें लगातार चीते की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग में जुटी हुई हैं तथा 24 घंटे उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
बाघ-बाघिन के मूवमेंट से बढ़ी चिंता
वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि रणथंभौर के जोन नंबर 9 में बाघिन T-127 और बाघ T-108 का नियमित मूवमेंट रहता है। ऐसे में यदि चीता KP2 का सामना इन बड़े शिकारी जानवरों से हो जाता है, तो उसके लिए खतरा बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर काम कर रही है और चीते को सुरक्षित क्षेत्र में बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
एक सप्ताह पहले पार की थी चंबल नदी
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले चीता KP2 कुनो नेशनल पार्क से निकलकर चंबल नदी पार करते हुए रणथंभौर टाइगर रिजर्व की सीमा में प्रवेश कर गया था। 16 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों ने पहली बार रणथंभौर की पालीघाट रेंज के अजीतपुरा गांव के आसपास चीते का मूवमेंट देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम सक्रिय हो गई और लगातार निगरानी शुरू कर दी गई।
विशेषज्ञों ने जताई सतर्कता की जरूरत
वन्यजीव विशेषज्ञ धर्मेंद्र खंडाल के अनुसार, रणथंभौर के इस इलाके में बाघ-बाघिन के अलावा कई तेंदुओं (लेपर्ड) का भी मूवमेंट रहता है। ऐसे में चीते का इन जानवरों से सामना होना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर चीता बड़े शिकारी को देखकर सतर्क हो जाता है, लेकिन आमना-सामना होने की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें- 150 फीट गहरी खाई में बस गिरते ही मची चीख-पुकार, दो की मौत; पांच गंभीर घायल
वन विभाग की लगातार निगरानी जारी
वनकर्मियों की टीम लगातार चीता KP2 की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है और उसे संभावित खतरों से दूर रखने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण है और चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
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बाघ-बाघिन के मूवमेंट से बढ़ी चिंता
वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि रणथंभौर के जोन नंबर 9 में बाघिन T-127 और बाघ T-108 का नियमित मूवमेंट रहता है। ऐसे में यदि चीता KP2 का सामना इन बड़े शिकारी जानवरों से हो जाता है, तो उसके लिए खतरा बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर काम कर रही है और चीते को सुरक्षित क्षेत्र में बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
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एक सप्ताह पहले पार की थी चंबल नदी
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले चीता KP2 कुनो नेशनल पार्क से निकलकर चंबल नदी पार करते हुए रणथंभौर टाइगर रिजर्व की सीमा में प्रवेश कर गया था। 16 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों ने पहली बार रणथंभौर की पालीघाट रेंज के अजीतपुरा गांव के आसपास चीते का मूवमेंट देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम सक्रिय हो गई और लगातार निगरानी शुरू कर दी गई।
विशेषज्ञों ने जताई सतर्कता की जरूरत
वन्यजीव विशेषज्ञ धर्मेंद्र खंडाल के अनुसार, रणथंभौर के इस इलाके में बाघ-बाघिन के अलावा कई तेंदुओं (लेपर्ड) का भी मूवमेंट रहता है। ऐसे में चीते का इन जानवरों से सामना होना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर चीता बड़े शिकारी को देखकर सतर्क हो जाता है, लेकिन आमना-सामना होने की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है।
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वन विभाग की लगातार निगरानी जारी
वनकर्मियों की टीम लगातार चीता KP2 की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है और उसे संभावित खतरों से दूर रखने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण है और चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

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