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Sikar News: बास्केटबॉल खिलाड़ी MBBS छात्र की धमनियों में मिला 100 प्रतिशत ब्लॉकेज, एंजियोप्लास्टी से बची जान
Tue, 18 Aug 2026 04:17 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 18 Aug 2026 04:17 PM IST
सार
नियमित रूप से बास्केटबॉल खेलने वाले 23 वर्षीय एमबीबीएस छात्र को अचानक हार्ट अटैक आ गया। साथी छात्रों की सूचना पर डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। जांच में कोरोनरी आर्टरी पूरी तरह ब्लॉक मिली, जिसके बाद तत्काल एंजियोप्लास्टी कर छात्र को बचा लिया गया।
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बास्केटबॉल खिलाड़ी छात्र को आया हार्ट अटैक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के सांवली मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के 23 वर्षीय छात्र जुनैद खान को 100 प्रतिशत कोरोनरी आर्टरी ब्लॉकेज के बाद पड़ा दिल का दौरा चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई के बाद टल गया। नागौर निवासी जुनैद नियमित रूप से बास्केटबॉल खेलते हैं। रविवार रात जब बास्केटबॉल खेलने और भोजन करने के बाद वे हॉस्टल के कमरे में सो रहे थे तो मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठने से वे बेहोश हो गए।
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साथी छात्रों ने तुरंत इसकी सूचना डॉक्टरों को दी। मौके पर पहुंचे चिकित्सकों ने जांच में हृदय की धमनी पूरी तरह ब्लॉक पाई। इसके बाद तुरंत एंजियोप्लास्टी कर ब्लॉकेज हटाया गया, जिससे मरीज की जान बच सकी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। बता दें कि छात्र को पिछले एक सप्ताह से सीने में हल्का दर्द महसूस हो रहा था लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानकर अनदेखा कर दिया था।
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इस घटना के बाद हृदय विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने या नियमित खेल खेलने से दिल के दौरे का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता। कम उम्र के युवाओं में धमनियों की स्थिति शारीरिक आयु से भिन्न हो सकती है। पारिवारिक इतिहास, कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति के कारण युवाओं की धमनियों में रुकावट आ सकती है।
विशेषज्ञ सीने में बार-बार उठने वाले दर्द या भारीपन को गैस या मांसपेशियों का दर्द मानकर टालने से मना करते हैं। खेलते या मेहनत करते समय असामान्य रूप से सांस फूलना, ठंडा पसीना आना, घबराहट, चक्कर आना और दर्द का हाथ, पीठ या जबड़े तक जाना गंभीर लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सीय परामर्श जरूरी है। बचाव के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए।